बाराबंकी: राजा राजीव कुमार सिंह का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन, उमड़ा जनसमुदाय…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी। छह बार विधायक रहे पूर्व मंत्री राजा राजीव कुमार सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनके बेटे रितेश सिंह रिंकू ने उन्हें मुखाग्नि दी। हंड़हा मैं ही राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। इस अवसर पर जिले के …

बाराबंकी। छह बार विधायक रहे पूर्व मंत्री राजा राजीव कुमार सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। उनके बेटे रितेश सिंह रिंकू ने उन्हें मुखाग्नि दी। हंड़हा मैं ही राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी। इस अवसर पर जिले के सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों प्रत्याशियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए।

राजा ने ब्लाक प्रमुख के रूप में की थी करियर की शुरुआत

राजा राजीव कुमार सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत ब्लाक प्रमुख के चुनाव के साथ की थी। इसके बाद पहली बार वे निर्दल चुनाव लड़कर विधानसभा में पहुंचे। बाद में पहले कांग्रेश फिर भाजपा और बाद में सपा से विधायक रहे। वह पूर्वर्ती अखिलेश सरकार में मंत्री भी थे। उनके पैतृक आवास से जब उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था हजारों लोग जमा थे। चारों ओर राजा राजीव कुमार सिंह अमर रहे के नारे लग रहे थे।

पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया विदा

पुलिस के जवानों ने उन्हें गार्ड आफ आनर देकर विदा किया। इस अवसर पर अयोध्या से आए संत महंत के अलावा पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, विधायक सतीश शर्मा, भाजपा भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महासचिव, रामबाबू द्विवेदी, फरीद महफूज किदवई, विधायक शरद अवस्थी, पूर्व विधायक राज लक्ष्मी वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत, राष्ट्रवादी किसान क्रांति दल के अध्यक्ष रामजी तिवारी, अयोध्या के महंत बलराम दास श्री कोटवा धाम बड़ी गद्दी के महन्त नीलेंद्र बख्स दास उर्फनीरज भैया, अनूप दास, पूर्व सांसद रामसागर रावत श्रीमती प्रियंका सिंह पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह वर्मा,  भाजपा नेता अजीत सिंह व रामनगर प्रभारी आदित्य सिंह, हथौधा राज घराने के कुंवर अविनाश सिंह, सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

यह भी पढ़ें: यहां जलमग्न है द्वापरयुग में बना मां कचुला देवी मंदिर, चर्म रोग और सर्पदोष से मुक्ति पाने को लगता है श्रद्धालुओं का तांता

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
गंगाराम की मौत पर रोया पूरा गाँव, नहीं जला घर का चूल्हा, 130 सालों तक तालाब में रहने की क्या है कहानी; NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल
NEET विवाद पर छात्रों के समर्थन में आए वरुण धवन और नोरा फतेही, बोले- हर छात्र निष्पक्ष और भरोसेमंद व्यवस्था का हकदार
Parliament Monsoon Session Day 5: लोकसभा की कार्यवाही 27 जुलाई तक स्थगित, किरण रिजिजू बोले- NEET पर चर्चा जरूरी, देश को सही संदेश जाना चाहिए
''छात्रों को धमकाने की हिम्मत कैसे हुई?'' , राहुल गांधी का सरकार पर हमला, कहा- छात्रों को लोकतांत्रिक अधिकारों से नहीं डराया जा सकता