बजट का संदेश

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Edited By Amrit Vichar
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सन 2019 में वित्त मंत्री बनने के बाद निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा बजट मंगलवार को पेश किया । वित्त मंत्री ने 90 मिनट के भाषण में संसद को बताया कि बजट ‘ सात इंजनों’ से संचालित होता है, जिसमें राजमार्ग, रेलवे, जन परिवहन, ऊर्जा और रसद बुनियादी ढांचे पर खर्च शामिल है। अर्थव्यवस्था को …

सन 2019 में वित्त मंत्री बनने के बाद निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा बजट मंगलवार को पेश किया । वित्त मंत्री ने 90 मिनट के भाषण में संसद को बताया कि बजट ‘ सात इंजनों’ से संचालित होता है, जिसमें राजमार्ग, रेलवे, जन परिवहन, ऊर्जा और रसद बुनियादी ढांचे पर खर्च शामिल है। अर्थव्यवस्था को उच्च गियर में ले जाने के लिए सभी सात इंजन एक साथ काम करेंगे।

सरकार केंद्रीय बैंक की अगुवाई में एक डिजिटल मुद्रा की शुरुआत करेगी, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी। सरकार का जोर अर्थव्यवस्था को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के लिए भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार पर दिखलाई दे रहा है। सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 60 लाख नौकरियों के सृजन का है।

विकासोन्मुखी कहे जा रहे बजट में बुनियादी ढांचे पर खर्च 35 फीसदी बढ़ा लेकिन आम आदमी के लिए कुछ खास पेशकश नहीं की गई। आधारभूत ढांचे के विकास पर ज्यादा खर्च करने को रोजगार बढ़ाने की मंशा वाला बताया जा रहा है। बजट को अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा तय करने वाला दस्तावेज माना जाता है।

वैश्विक महामारी के बीच पेश बजट के सामने सबसे बड़ी चिंता बेरोजगारी और महंगाई थी। लगता है महंगाई से निपटने की कोई ठोस योजना सरकार के पास नहीं है। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव होने के बावजूद आम आदमी या किसानों के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई, आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ।

ग्रामीण रोजगार पर अतिरिक्त ध्यान दिए जाने की जरूरत थी लेकिन इस मद में भी लगभग यथास्थिति दिखाई दे रही है। खपत को बढ़ावा देने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए, जो विकास को गति देने की कुंजी है। लेकिन बजट ने निवेशकों को खुश किया है। एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 1.46 प्रतिशत या 848.40 अंक बढ़कर 58,862.57 अंक पर पहुंच गया, बुनियादी ढांचा फर्मों और निजी बैंकों में जोरदार तेजी आई।

सरकार किसानों की आय बढाने तथा रासायनिक उर्वरकोंं के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से गंगा नदी के किनारे रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगी । सरकार ने किसानों को डिजिटल और हाईटेक करने के लिए पीपीपी मोड में एक नई योजना शुरु करने की घोषणा की है, जिसके तहत किसानों को डिजिटल और हाइटेक सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

इसके जरिए संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार की प्राथमिकता में किसान हैं लेकिन इनका दूरगामी असर क्या होगा, यह देखना होगा। मानकर चलना चाहिए कि इस बजट पर लंबी-चौड़ी बहस की गुंजाइश है।