अयोध्या में इस बार का बा, ई बा के बीच चुनावी टक्कर कांटे की बा, पढ़ें…

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। प्रदेश में का बा, का बा छाया हुआ है, लेकिन अयोध्या जनपद की पांच सीटों पर ई बार तो कांटे की टक्कर बा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-समाजवादी पार्टी (सपा) में तगड़ी लड़ाई बा। भाजपा फिर क्लीन स्वीप तो सपा 2012 वाला प्रदर्शन दोहरावे की चाहत में बा। कांग्रेस और बसपा भी मैदान में बा। …

अयोध्या। प्रदेश में का बा, का बा छाया हुआ है, लेकिन अयोध्या जनपद की पांच सीटों पर ई बार तो कांटे की टक्कर बा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-समाजवादी पार्टी (सपा) में तगड़ी लड़ाई बा। भाजपा फिर क्लीन स्वीप तो सपा 2012 वाला प्रदर्शन दोहरावे की चाहत में बा। कांग्रेस और बसपा भी मैदान में बा। चौराहे-चौराहे पर चर्चा चलत बा। मतदान के लिए चुनाव पहेली बनल बा। अब तो बस 27 फरवरी के इंतजार बा।

जनपद में पांचवे चरण में 27 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने चुनावी मैदान में अपने-अपने सूरमाओं को उतार दिया है। भाजपा और सपा ने 2017 वाले सभी प्रत्याशियों को रिपीट कर दिया है। शनिवार देर रात बीकापुर से आनंद सेन और रूदौली विधानसभा से अब्बास अली जैदी रुश्दी मियां के मैदान में उतरते ही जनपद के पांचों विधानसभाओं की तस्वीर साफ हो गई।

सभी सीटों पर मुख्य टक्कर में है सपा-बीजेपी…

सियासी पंडितों की मानें तो जिले की सभी विधानसभा सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच ही दिखाई दे रहा है। हालांकि बहुजन समाज पार्टी इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए जी जान से जुटी है। कांग्रेस भी मजबूती के साथ पंजा लड़ाने की तैयारी में है। आम आदमी पार्टी ने वादों और दावों की बौछार लगाते हुए पांचों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।

बसपा और कांग्रेस ने भी लगाया है दांव

कांग्रेस ने प्रत्याशी तो उतारे, लेकिन कई दावेदारों को उस समय ठेस पहुंची जब उनके टिकट कट गए। इसके बाद उन्होंने पार्टी को छोड़ते हुए मोर्चा खोल दिया। अयोध्या विधानसभा में बसपा और कांग्रेस ने एक ही जाति के प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जिससे जातिगत समीकरण के भी चांस हैं। इसके अलावा कई निर्दलीय प्रत्याशी भी नामांकन दाखिल करने पहुंच रहे हैं। 11 जनवरी को क्लीयर हो जाएगा कि किस-किस विधानसभा पर कितने प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं।

2017 चुनाव में बीजेपी ने सभी सीटों पर दर्ज की थी जीत

2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी सीटों पर जीत दर्ज की थी। रूदौली विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी रामचंद्र यादव के पास हैट्रिक लगाने का मौका है तो पूर्व विधायक व सपा प्रत्याशी रुश्दी मियां संभवता इस बार लाज बचाने को मैदान में उतरेंगे। गोसाईगंज में भी भाजपा और सपा के बीच ही सीधी टक्कर है। सपा प्रत्याशी अभय सिंह व भाजपा प्रत्याशी आरती तिवारी मैदान में हैं।

आरती के पति व पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू जेल में हैं। आरती अपने सुहाग की खातिर मैदान मारने के लिए रात-दिन एक कर रही हैं। वहीं बीकापुर में भाजपा ने पुराने प्रत्याशी व सीटिंग विधायक शोभा सिंह चौहान की जगह उनके पुत्र अमित सिंह को टिकट दिया है। ऐसे में टक्कर कांटे की दिख रही है।

1-अयोध्या विधानसभा

  • भाजपा     वेद प्रकाश गुप्ता
  • सपा       तेज नारायण पांडे पवन
  • बसपा       रवि प्रकाश मौर्या
  • कांग्रेस       रीता मौर्या

2-मिल्कीपुर विधानसभा (सु)

  • -भाजपा        गोरखनाथ बाबा
  • -सपा          अवधेश प्रसाद
  • -बसपा     संतोष उर्फ सूरज चौधरी
  • -कांग्रेस     नीलम कोरी     

3-बीकापुर विधानसभा

  • -भाजपा             अमित सिंह
  • -सपा                  आनंद सेन
  • -बसपा              सुनील पाठक
  • -कांग्रेस             अखिलेश यादव

4-गोसाईगंज विधानसभा

  • -भाजपा       आरती तिवारी
  • -सपा           अभय सिंह
  • -बसपा         रामसागर वर्मा
  • -कांग्रेस        शारदा जायसवाल   

5-रूदौली विधानसभा

  • -भाजपा           रामंचद्र यादव
  • -सपा               रुश्दी मियां
  • -बसपा       चौधरी शहरयार
  • -कांग्रेस        दयानंद शुक्ल

यह चुनाव प्रदेश को तरक्की के पथ पर आगे ले जाने का है। भाजपा के आने के बाद से अयोध्या में विकास की बहार आई है। एक बार फिर से जनादेश भाजपा के पक्ष में आएगा।

– संजीव सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष

अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर जमीन खरीद-फरोख्त में बहुत भ्रष्टाचार हुआ है। लोग भाजपा से तंग आ चुके हैं। इस बार लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाएंगे।

– गंगा यादव, सपा जिलाध्यक्ष

प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ी है। लॉ एंड आॅर्डर डगमगा चुका है। जनता भाजपा को अब प्रदेश में नहीं रहने देगी। इस बार प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की ही सरकार बनेगी।

– रामकरन, वरिष्ठ बसपा नेता

जनता भाजपा, सपा और बसपा जैसी पार्टियों को कई बार झेल चुकी है। अब मन बदल रहा है। इस बार अयोध्या की पांचों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा होगा। प्रदेश में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी।

– शिवपूजन पांडे, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

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