अमरता की पर्याय

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Edited By Amrit Vichar
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एक दिन जाना तो सभी को है। फिर भी दुनिया को अपनी प्रतिभा के जरिए शांतिमय बनाने वाले कुछ लोगों को देख-सुन कर लगता रहा है कि उन्हें हमेशा इस दुनिया में बने रहना चाहिए। लता मंगेशकर एक ऐसी ही शख्सियत थीं, जो मिथक बन चुकी थीं। भारत रत्न, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के दुनिया …

एक दिन जाना तो सभी को है। फिर भी दुनिया को अपनी प्रतिभा के जरिए शांतिमय बनाने वाले कुछ लोगों को देख-सुन कर लगता रहा है कि उन्हें हमेशा इस दुनिया में बने रहना चाहिए। लता मंगेशकर एक ऐसी ही शख्सियत थीं, जो मिथक बन चुकी थीं। भारत रत्न, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के दुनिया से जाने से लगता है कि संगीत का, सुरों का आसमान टूट गया ।

सुर साम्राज्ञी लता ने हजारों गीतों को अपनी आवाज से सजाया। 36 भारतीय भाषाओं में 30 हज़ार से ज्यादा गाने गाए। उनकी आवाज में हमने मौसमों को जाना हवाओं की किस्मों को जाना। आपको जीवन के जितने रंग चाहिए, चले जाइए लता जी की बगिया में। चुन लीजिए एक-एक भाव के लिए हज़ारों तराने, जनम से लेकर आख़िरी बेला तक के गीत। मनुष्य की अनुभूति, आवेग और वर्ण कम पड़ जाएंगे, लेकिन लता के यहां गीतों की कमी नहीं मिलेगी। विविध रूप, रस और गंध के साथ आपको सब मिल जाएगा।

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने उनके देहावसान पर कहा कि ‘लाखों सदियों का मधुर स्वर’ हमें छोड़ कर चला गया। दरअसल यह ऐसी संपूर्ण आवाज़ है जो सुनने के लिए नहीं, बस महसूस करने और जीने के लिए है। ज़िंदगी की मुश्किलों के बीच ही उन्होंने फिल्मी गीतों की दुनिया में प्रवेश किया था। लता मंगेशकर कहती थीं – मैंने हमेशा जीवन से प्यार किया है। चाहे मेरी यात्रा में कितने भी उतार-चढ़ाव आए हों। उनके समय में ही हिंदी फिल्मों के संगीत का सुनहरा दौर आसमान छू पाया।

वे शास्त्रीय,सुगम और लोकसंगीत सबमें अद्वितीय रहीं। कई असंभव लगती धुनें सिर्फ़ उन्हीं की वजह से संभव हो पाईं। मुश्किल से मुश्किल गीत उनके कंठ में सहज पुकार होकर रह जाते थे। यह शास्त्रीयता का संधान करती और लोक का रस लेती आवाज़ थी। उन्होंने भारत में फ़िल्म संगीत को एक नई परिभाषा दी थी।

आज जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा तो लोगों के दिलों में उनके प्रति प्यार और श्रद्धा उमड़ पड़ी। लोग कहते हैं इतिहास अपने आपको दोहराता है लेकिन गायन के संसार में ‌दूसरी लता मंगेशकर नहीं होगी। यह देश जब तक रहेगा लता की आवाज रहेगी। उनको हम सब कभी नहीं भूल सकते। वे सचमुच अमरता की पर्याय हो चुकी हैं।