मथुरा में 55 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में हुआ बन्द, 10 मार्च को आएगा फैसला
मथुरा। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधान सभा के चुनाव में गुरूवार को मथुरा की पांच विधान सभा सीटों के लिये हुये मतदान में 55 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बन्द हो गया। आज शाम छह बजे मतदान सम्पन्न होने के बाद मथुरा में सबसे अधिक 63.98 फीसदी मतदान गोवर्धन विधान सभा में हुआ। मथुरा में …
मथुरा। उत्तर प्रदेश की 18वीं विधान सभा के चुनाव में गुरूवार को मथुरा की पांच विधान सभा सीटों के लिये हुये मतदान में 55 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बन्द हो गया। आज शाम छह बजे मतदान सम्पन्न होने के बाद मथुरा में सबसे अधिक 63.98 फीसदी मतदान गोवर्धन विधान सभा में हुआ।
मथुरा में कहीं से भी नहीं आई हिंसा की खबर
दोपहर बाद मतदान तेजी से बढ़ा तथा शाम पांच बजे छाता विधान सभा में 60.80 प्रतिशत, मांट में 57.80 प्रतिशत, मथुरा में 52.75 एवं बल्देव में 57.20 प्रतिशत था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर के अनुसार कही से किसी अप्रिय घटना का समाचार नही है। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि गोवर्धन विधान सभा क्षेत्र के राधाकुण्ड क्षेत्र में मतदान के समय मामूली विवाद हो गया था जिसे एसडीएम ने पुलिस बल के साथ जाकर सुलझा लिया।
मतदान को आए दूल्हा और दुल्हन, बने चर्चा का विषय
शहरी क्षेत्र में आज एक दूल्हा और दुल्हन मतदान के लिए चर्चा में बने रहे। सदरबाजार क्षेत्र के निवासी ईशान पाण्डे की बुधवार को पास के एक मैरेज होम में शादी थी। आज सुबह दुल्हन को विदा कराने के बाद वे सीधे ज्ञान ज्योति जूनियर हाईस्कूल मतदान केन्द्र पहुंचे जहां पर उन्हेांने मतदान किया। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि पहले मतदान फिर जलपान के नियम को आज उन्होंने अपनाया।
आज मांट विधान सभा क्षेत्र के अन्तर्गत मांट कस्बे में तहसील के सामने सपा रालोद कार्यकर्ताओं पर लाठी चलाने को लेकर मांट थाने के प्रभारी राकेश कुमार सिंह एवं सपा-रालोद प्रत्याशी संजय लाठर में जमकर कहा सुनी हुई। लाठर ने यूनीवार्ता से कहा कि वे पुलिस के रवैये की शिकायत निर्वाचन आयोग से तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से करेंगे। छाता विधान सभा क्षेत्र के एक मतदान केन्द्र पर एक दुर्घटना बुधवार की शाम टल गई।
रात लगभग 12 बजे जिस कमरे में पोलिंग पार्टी चुनाव की सामग्री लेकर ठहरी थी उसके बगल के कमरे की छत अचानक गिर गई मगर पोलिंग पार्टी और चुनाव का सामान सही सलामत रहा। आज के चुनाव में एक दो पोलिंग स्टेशन को छोड़ कर बाकी किसी पोलिंग बूथ पर लम्बी लाइन नही दिखाई पड़ी तथा कोविद-19 के नियमों का पालन कमोबेशी कराया गया। प्रत्येक मतदाता को मतदान के पहले प्लास्टिक का दस्ताना दिया गया था जिससे वह ईवीएम का बटन दबा सके।
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