लखीमपुर-खीरी: कहीं कमल तो कहीं साइिकल की है रफ्तार, कांटे की होगी टक्कर

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लखीमपुर-खीर,अमृतविचार। जिले में चौथे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रण सज चुका है। चुनावी रण में उतरे राजनीतिक दलों और निर्दल प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में जिले की चार सीटों लखीमपुर सदर, कस्ता, श्रीनगर और धौरहरा में सपा, मोहम्मदी, पलिया समेत तीन सीटों पर बसपा और …

लखीमपुर-खीर,अमृतविचार। जिले में चौथे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रण सज चुका है। चुनावी रण में उतरे राजनीतिक दलों और निर्दल प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में जिले की चार सीटों लखीमपुर सदर, कस्ता, श्रीनगर और धौरहरा में सपा, मोहम्मदी, पलिया समेत तीन सीटों पर बसपा और निघासन सीट पर भाजपा काबिज हुई थी।

देश में बही मोदी लहर के बीच वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी सीटें जीतकर कब्जा कर लिया था। वर्तमान समय में आठों सीटों पर भाजपा का ही कब्जा है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को छोड़कर सभी सीटों पर भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस प्रत्याशी अपनी जीत का भले ही दावा कर रहे हैं, लेकिन यदि जीरो ग्राउंड की बात करें तो जिले की आठों विधानसभा सीटों में से सात सीटों पर भाजपा व सपा के बीच सीधी टक्कर होने की प्रबल संभावना है।

लखीमपुर सदर सीट पर बसपा के मजबूत होने से जहां भाजपा, सपा और बसपा के बीच त्रिकोणीय रोचक मुकाबला होगा। वहीं यदि पलिया विधानसभा की बात करें तो यहां बसपा ने जाकिर हुसैन को प्रत्याशी बनाया है। मुस्लिम मतदाता यदि सपा का साथ छोड़कर बसपा का दामन पकड़ता है तो यहां सपा तीसरे नंबर पर खिसक सकती है।

भाजपा और बसपा की सीधी लड़ाई होने की प्रबंल संभावना है। मोहम्मदी में सपा से दाउद अहमद और बसपा से शकील अहमद सिद्दीकी चुनाव मैदान में हैं। यहां मुिस्लम मतदाता दो धड़ों में बंटा दिख रहा है। यहां दोनों मुस्लिम प्रत्याशियों का संप्रदाय के मतदाताअ ों पर अच्छी पकड़ है। दाउद अहमद वर्ष 1999 में शाहाबाद से सांसद और वर्ष 2007 में हरदोई क्षेत्र की पिहानी विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। मोहम्मदी क्षेत्र से उन्होंने वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे थे।

इसके बाद उन्होंने वर्ष 2014 में धौरहरा संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन इसे दुर्भाग्य ही कहा जाएगा। उन्हें आज तक लखीमपुर खीरी जिले से कोई चुनाव नहीं जीत नहीं सके। जबकि शकील अहमद सिद्दीकी पूर्व सांसद इलियाश आजमी के बेटे हैं। उनकी भी इस क्षेत्र के मुसिल्म मतदाताओं पर खासी पकड़ है। इससे इस सीट पर भाजपा अधिक मजबूत स्थिति में दिख रही है। निघासन, श्रीनगर, कस्ता और गोला में भाजपा और सपा के बीच सीधा टक्कर है।

जिले में कुल मतदताता:
जिले में कुल मतदाता: 2802835
पुरुष मतदाता: 1495089
महिला मतदाता: 1307623
अन्य: 123

जिले की विधान सभा क्षेत्रों पर एक नजर
विधानसभा का नाम कुल मतदाता पुरुष मतदाता महिला मतदाता अन्य
लखीमपुर सदर: 410473 218038 192426 09
निघासन: 339473 183406 156056 11
धौरहरा: 331871 179133 152720 18
पलिया: 360124 190640 169460 24
कस्ता: 309332 164772 144543 17
मोहम्मदी: 337664 180781 156869 14
श्रीनगर: 318465 170138 148323 04
गोला: 395433 208181 187226 26

जानिए विधान सभा क्षेत्रों में चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की संख्या
विधानसभा कुल संख्या
लखीमपुर सदर 12
मोहम्मदी 07
कस्ता 08
श्रीनगर 09
निघासन 07
पलिया 06
धौरहरा 09
गोला 07

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