Hijab Controversy : अंतरराष्ट्रीय हुआ हिजाब विवाद, फ्रांसीसी फुटबॉलर ने शेयर किया कॉलेज में नारेबाजी वाला वीडियो

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद अब अंतरराष्ट्रीय लेवल पर पहुंच गया है। इस विवाद में इंग्लिश फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के फ्रांसीसी फुटबॉलर पॉल पोग्बा (Paul Pogba) ने  सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए टिप्पणी की है। पॉल पोग्बा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें एक तरफ छात्र …

नई दिल्ली। कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद अब अंतरराष्ट्रीय लेवल पर पहुंच गया है। इस विवाद में इंग्लिश फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के फ्रांसीसी फुटबॉलर पॉल पोग्बा (Paul Pogba) ने  सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए टिप्पणी की है। पॉल पोग्बा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें एक तरफ छात्र भगवा गमछा गले में डालकर नारे लगाते दिख रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर छात्राएं हिजाब पहने हुए नारेबाजी करती दिख रही हैं।

फ्रांस के मिडफील्डर पॉल पोग्बा ने एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा है कि भारत के कॉलेज में हिजाब पहने हुए लड़कियों को भीड़ ने परेशान किया। वीडियो के नीचे भी इस फुटबॉलर ने एक लाइन लिखी।

https://twitter.com/tigershaikh27/status/1491791119994155009

फुटबॉलर पॉल पोग्बा मुस्लिम समुदाय से आते हैं। वह विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने 2013 में फ्रांस से करियर शुरू किया था और 2018 के विश्व कप में उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी। क्रोएशिया के खिलाफ फाइनल में भी उन्होंने स्कोर किया था। वह प्रीमियर लीग क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड और फ्रांस की नेशनल टीम के लिए खेलते हैं। वह मुख्य रूप से एक सेंटर मिडफील्डर के रूप में मैदान पर रहते हैं।

दरअसल, हाल ही में कर्नाटक सरकार ने राज्य में Karnataka Education Act-1983 की धारा 133 लागू कर दी है। इसके तहत अब सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में छात्रों को यूनिफॉर्म अनिवार्य रूप से पहनना होगा। प्राइवेट स्कूल भी अपनी खुद की एक यूनिफॉर्म चुन सकते हैं। इस बीच, कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी के नेतृत्व वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति कृष्णा एस दीक्षित और न्यायमूर्ति जेएम खाजी शामिल हैं, ने गुरुवार को मुस्लिम छात्रों द्वारा हिजाब पहनने पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई की। पीठ ने सोमवार, 14 फरवरी को मामले की फिर से सुनवाई करने का फैसला किया और छात्रों से कहा कि जब तक मामला अदालत में लंबित है, तब तक वे कोई भी धार्मिक परिधान नहीं पहनें।

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