हल्द्वानी: जानिए जिले के कंट्रोल रूम में सिविजिल एप और 1950 हेल्पलाइन पर कितनी शिकायतें हुई दर्ज
भूपेश कन्नौजिया, अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए मतदान बीते सोमवार को पूरा हो चुका है। प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों पर 632 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 82 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने किया है। प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो चुकी है हालांकि इस बार 11697 मतदान केंद्रों पर …
भूपेश कन्नौजिया, अमृत विचार, हल्द्वानी। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए मतदान बीते सोमवार को पूरा हो चुका है। प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों पर 632 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 82 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने किया है। प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो चुकी है हालांकि इस बार 11697 मतदान केंद्रों पर मतदान संपन्न हुआ है। राज्य में कुल 62.5% मतदान हुआ है। हालांकि यह पिछले बार के मतदान फीसदी से कम है। उत्तराखंड में इस बार सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है।
इसके इतर निर्वाचन आयोग की ओर से पहली बार चुनावों में पारदर्शिता लाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा तमाम प्रयास किए गए थे लेकिन वह कितने कारगर साबित हुए यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगा मगर इतना जरूर है कि समाज के जागरूक लोगों ने इन चीजों का फायदा जरूर उठाया है। आपको बता दें कि इस बार आयोग द्वारा ऐसी ही एक मोबाइल एप सिविजिल की शुरुआत की गई थी। इस एप के जरिए कोई भी नागरिक आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन या मतदाताओं को प्रलोभन के फोटो व विजुअल अपलोड कर सकता है।
बहरहाल नैनीताल जिले के निर्वाचन कंट्रोल रूम से प्राप्त आंकडों के अनुसार सिविजिल एप पर दिनांक 9 जनवरी से 14 फरवरी (मतदान के दिन तक) तक कुल 2667 शिकायतें दर्ज की गयी हैं जो कि आरओ को भेज दी गयी हैं। वहीं 1950 टॉल फ्री पर कुल 226 शिकायतें दर्ज की गयीं जिनमें वोटर लिस्ट में नाम न होने से लेकर पोलिंग बूथ में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें आयी हैं।
इधर मीडिया कंटेट मानीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) ने 9 जनवरी से लेकर 14 फरवरी तक पेड न्यूज को लेकर 7 लोगों को नोटिस दिया है जिनमें कांग्रेस प्रत्याशी सुमित हृदयेश को 2, सपा प्रत्याशी को शुएब अहमद को 2, कांग्रेस प्रत्याशी महेश शर्मा को 1, बसपा प्रत्याशी सुंदर लाल को 1 और निर्दलीय प्रत्याशी कैप्टन महिपाल को 1 नोटिस प्रेषित किया जा चुका है।
सोशल मीडिया पर बिना प्रमाणीकरण के आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों की भी लिस्ट देखिए –



