हरदोई: सब कुछ होते हुए भी अस्पताल नहीं पहुंच रहे मरीज, दर्द समेटे दूरी तय करना मुश्किल
हरदोई। शहर से अलग हटकर बनाया गया 100 बेड का अस्पताल अभी भी अपनी कोशिश में नाकाम नज़र आ रहा है। सारा ताम-झाम होने के बाद भी वहां मरीज़ नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसकी वजह दर्द समेटे हुए मरीज़ो का इतनी दूरी तय करना मुमकिन नहीं हो रहा है। एक बात जानकर हैरानी होगी …
हरदोई। शहर से अलग हटकर बनाया गया 100 बेड का अस्पताल अभी भी अपनी कोशिश में नाकाम नज़र आ रहा है। सारा ताम-झाम होने के बाद भी वहां मरीज़ नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसकी वजह दर्द समेटे हुए मरीज़ो का इतनी दूरी तय करना मुमकिन नहीं हो रहा है। एक बात जानकर हैरानी होगी कि लाखों रुपए खर्च किए जाने के बाद भी वहां पर्चा तक नहीं बन पा रहा है।
बताते चलें कि लखनऊ रोड पर नयागांव मुबारकपुर में सीएमओ दफ्तर के बगल में 100 बेड वाला अस्पताल है। सपा सरकार की इस सौगात लोगों को इस वजह से और भी नहीं रास आ रही है कि वहां तक पहुंचने के लिए लम्बी दूरी तय करनी पड़ती है। इस अस्पताल में सीएमएस के अलावा आठ डाक्टर, चार टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय तैनात है। इसके अलावा वहां सारे संसाधन भी सजाएं गए और फिजीशियन, सर्जन, बेहोशी, हड्डी,नाक-कान-गला और दांत रोग के विशेषज्ञ भी मौजूद है।
बावजूद इसके मरीज़ वहां जाने के लिए कतराते हैं। हालांकि एक बात तो ज़रूर है कि वहां आस-पास गांव के लोग इलाज कराने की नियत से पहुंच जाते हैं। टटोली गई जानकारी को सही माना जाए तो 100 बेड वाले अस्पताल में एक-एक मरीज़ के ऊपर लाखों रुपए का खर्च आ रहा है। लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं हासिल हो रहा है। अब बात करें हरदोई मेडिकल कालेज की जो पहले ज़िला अस्पताल हुआ करता था। वहां पर मरीज़ो को इतनी मारा-मारी है कि ओपीडी में सुबह से ही कतार लग जाती है। इतना ही नहीं डाक्टर और दवा को लेकर आपस में नोंक-झोंक होना आम बात है।
देखते ही मुंह को आ जाता है कलेजा
इसी 100 वाले अस्पताल को कोविड-19 के चले एल-2 में बदल दिया गया। जब कोरोना का कहर टूट रहा था,तब उसी एल-2 से हर रोज़ कई-कई लाशें जब बाहर निकाली जाती थी। यक़ीनन उस मंज़र को देख अच्छे-अच्छो का कलेजा मुंह को आ जाता था। इस तरह के रोंगटे खड़े करने वाली तस्वीर से सामना करने वाले नयागांव मुबारकपुर, गोंधाई, नानक गंज झाला व मन्नापुरवा के लोग बीते दिनों के बारे में पूछने पर अभी भी कांप जाते हैं।
जल्द शुरू होगी ओपीडी
100 बेड वाले अस्पताल के सीएमएस डा. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि कोविड-19 के चलते ओपीडी बंद कर दी गई थी। उन्होंने बताया है कि सरकार के आदेश पर इस तरह का फैसला लिया गया। उनका कहना है कि सरकार की हरी झंडी मिलते ही ओपीडी काम करने लगेगी।
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