पीलीभीत: गैंगरेप के बाद छात्रा की हत्या के मामले में घिरी पुलिस, उठे सवाल

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अमृत विचार, पीलीभीत। कोचिंग जाने के लिए घर से निकली इंटरमीडिएट की छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की बहुचर्चित वारदात का आधा-अधूरा खुलासा कर राहत महसूस कर रही पुलिस की मुश्किल बढ़ी हैं। अब पीड़ित परिवार ने ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा दिए। एडीजी को शिकायती पत्र भेजकर अब तक की …

अमृत विचार, पीलीभीत। कोचिंग जाने के लिए घर से निकली इंटरमीडिएट की छात्रा की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की बहुचर्चित वारदात का आधा-अधूरा खुलासा कर राहत महसूस कर रही पुलिस की मुश्किल बढ़ी हैं। अब पीड़ित परिवार ने ही पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा दिए। एडीजी को शिकायती पत्र भेजकर अब तक की गई पुलिस कार्रवाई से खुद को असंतुष्ट बताया। कई बिंदुओं पर सवाल खड़े करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

घटना पिछले साल 13 नवंबर को हुई थी। बरखेड़ा क्षेत्र की रहने वाली इंटरमीडिएट की छात्रा सुबह सात बजे घर से कोचिंग जाने के लिए निकली थी। दिन भर लापता रहने के बाद उसका शव गांव के बाहर गन्ने के खेत में नग्न हालत में पड़ा मिला था। पिता की ओर से सामूहिक दुष्कर्म, हत्या कर साक्ष्य मिटाने की धाराओं में अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस वारदात का पुलिस ने करीब एक सप्ताह बाद क्षेत्र के ही एक नााबलिग को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया था।

हालांकि पुलिस अधिकारी उस वक्त खुद पूरी तरह से खुलासे पर उठ रहे सवालों के जवाब नहीं दे सके थे। अब तीन माह बाद छात्रा के परिवार ने भी पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ आवाज बुलंद की है। पिता ने एडीजी को शिकायती पत्र भेजकर बताया कि उनकी बेटी की जघन्य हत्या की गई थी। पुलिस ने एक किशोर को अब तक जेल भेजा है। जबकि यह संभव नहीं कि अकेले वारदात को अंजाम दे दिया गया हो।

पुलिस ने सिर्फ मामले को दबाने के उद्देश्य से नाबालिग आरोपी पर कार्रवाई कर दी। विवेचक की ओर से निष्पक्ष और न्यायिक कार्रवाई नहीं की गई है। तीन महीने बाद भी अन्य आरोपियों को पकड़ा नहीं गया। खुलासे के वक्त कहा गया था कि आरोपी का नार्को टेस्ट कराया जाएगा। मगर, इस दिशा में भी अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए।

अभी तक फारेंसिक जांच को भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट भी नहीं आ सकी है। कहा कि पुलिस की ओर से संगीन वारदात में उदासीन कार्रवाई की जा रही है। जिससे न तो वह संतुष्ट हैं, न ही न्याय मिल पा रहा। मामले को गंभीरता से लेते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई।

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