नैनीताल: फायर सीजन की तैयारियों में जुटा वन प्रभाग, इस बार ब्लोअर का भी होगा प्रयोग

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नैनीताल, अमृत विचार। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो गया है। वनाग्नि की संभावित घटनाओं को देखते हुए नैनीताल वन प्रभाग ने फायर सीजन से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी है। जिसके लिए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की कवायद शुरू हो गई है। आग पर निगरानी रखने के …

नैनीताल, अमृत विचार। 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू हो गया है। वनाग्नि की संभावित घटनाओं को देखते हुए नैनीताल वन प्रभाग ने फायर सीजन से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी है। जिसके लिए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की कवायद शुरू हो गई है। आग पर निगरानी रखने के लिए कर्मियों को पूर्व में ड्रोन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं इस बार ब्लोअर का प्रयोग भी आग पर नियंत्रण के लिए किया जाएगा।

इसी क्रम में शुक्रवार को गोविंद बल्लभ पंत उच्चस्थलीय प्राणी उद्यान में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डीएफओ टीआर बीजूलाल ने किया। इस मौके पर वन विभाग के अधिकारियों और नवनियुक्त वन रक्षकों को वायरलेस संचालन समेत फायर लाइन काटने व आधुनिक उपकरणों के जरिए वनाग्नि से निपटने के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में बतौर मास्टर ट्रेनर पहुंचे उत्तराखंड के एमडी वायरलेस संजय चौहान ने वन कर्मियों को वायरलेस प्रयोग और तकनीकी खराबी आने में उन्हें दुरुस्त कर उनके संचालन की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, ट्रेनर हरीश पंत ने फायर लाइन काटने, ड्रोन के माध्यम से वनाग्नि पर नजर रखने, ब्लोअर से आग पर नियंत्रण पाने समेत अन्य जानकारियां दी।

डीएफओ ने बताया कि बीते वर्ष नैनीताल वन प्रभाग में वनाग्नि के कई मामले सामने आए थे। जिस पर नियंत्रण पाने के लिए एनडीआरएफ तक की मदद लेनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने पर अप्रोचिंग टाइम कम करना उनकी प्राथमिकता है।

आगामी फायर सीजन को लेकर विभाग की पूरी तरह से सर्तकता बरते हुए है। जहां वन प्रभाग के 69 स्टेशन स्थापित किए गए हैं। वहीं फायर सीजन से निपटने के लिए वन प्रभाग में 200 फायर वाचर और 100 से अधिक वन प्रहरी नियुक्त किए गए हैं। साथ ही बड़ी संख्या में वन कर्मियों को आग पर नियंत्रण के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी वन प्रभाग को 32 नए वन रक्षक मिले हैं। जिनको ड्रोन संचालन समेत अन्य प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसके साथ ही आग बुझाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे वे चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में रेंजर अजय रावत, ममता चंद, अतुल भगत समेत तमाम वन कर्मी मौजूद रहे।

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