कुंभ मेले में कोरोना टेस्टिंग फर्जीवाड़ा: एकलपीठ ने किया सुनवाई से इंकार
अमृत विचार, नैनीताल। उत्तराखंड हाइकोर्ट ने कुंभ मेले मे कोरोना टेस्टिंग के फर्जीवाड़े में लिप्त मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के सर्विस पार्टनर शरत पंत व मलिका पंत की तरफ से दायर जमानत प्रार्थनापत्र पर शुक्रवार को वर्चुअल सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ ने किन्ही कारणों से मामले …
अमृत विचार, नैनीताल। उत्तराखंड हाइकोर्ट ने कुंभ मेले मे कोरोना टेस्टिंग के फर्जीवाड़े में लिप्त मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के सर्विस पार्टनर शरत पंत व मलिका पंत की तरफ से दायर जमानत प्रार्थनापत्र पर शुक्रवार को वर्चुअल सुनवाई की। मामले को सुनने के बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ ने किन्ही कारणों से मामले की सुनवाई से इनकार करते हुए दूसरी कोर्ट को भेज दिया है। अब इस मामले की सुनवाई दूसरी कोर्ट करेगी।

मामले के अनुसार जमानत प्रार्थनापत्र दायर करते हुए याचिकर्ता द्वारा कहा गया कि वे मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज में एक सर्विस प्रोवाइडर हैं। परीक्षण और डेटा प्रविष्टि के दौरान मैक्स कॉरपोरेट का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इसके अलावा परीक्षण और डेटा प्रविष्टि का सारा काम स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया था। इन अधिकारियों की मौजूदगी में परीक्षण स्टालों ने जो कुछ भी किया था, उसे अपनी मंजूरी दे दी। अगर कोई गलत कार्य कर रहा था तो कुंभ मेले के दौरान अधिकारी चुप क्यों रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार ने मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि कुंभ मेले के दौरान इनके द्वारा अपने को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से टेस्ट इत्यादि कराए गए। वर्ष 2021 को एक व्यक्ति ने सीएमओ हरिद्वार को एक पत्र भेजकर शिकायत की थी कि कुंभ मेले में टेस्ट कराने वालीं लैबों द्वारा उनकी आईडी व फोन नंबर का उपयोग किया है जबकि उनके द्वारा रैपिड
एंटीजन टेस्ट कराने हेतु कोई रजिस्ट्रेशन व सैम्पल नही दिया गया। पूर्व में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाय।
