नैनीताल: मदद के लिए आगे आया एसबीआई, चिड़ियाघर के चार वन्यजीवों को किया अंगीकृत
नैनीताल, अमृत विचार। कोरोना काल में पर्यटकों की संख्या में कमी होने से नैनीताल स्थित चिड़ियाघर पर भी बुरा असर पड़ा। यहां मौजूदा वन्यजीवों के रखरखाव से लेकर उनके भोजन की व्यवस्था करने को लेकर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन ने मदद के हाथ आगे बढ़ाए …
नैनीताल, अमृत विचार। कोरोना काल में पर्यटकों की संख्या में कमी होने से नैनीताल स्थित चिड़ियाघर पर भी बुरा असर पड़ा। यहां मौजूदा वन्यजीवों के रखरखाव से लेकर उनके भोजन की व्यवस्था करने को लेकर आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय स्टेट बैंक प्रबंधन ने मदद के हाथ आगे बढ़ाए हैं। उन्होंने चार वन्यजीवों को अंगीकृत कर चिड़ियाघर प्रबंधन को 10 लाख रुपये की सहायता राशि सहयोग के तौर पर दी है।
एसबीआई ने चिड़ियाघर में मौजूद दो बंगाल टाइगर और दो गुलदारों को अंगीकृत किया गया है। बैंक अधिकारियों ने शनिवार को चिड़ियाघर में प्रभागीय वन अधिकारी टीआर बीजूलाल को दस लाख रुपये का चेक सौंपा। इसके लिए चिड़ियाघर प्रबंधन ने बैंक प्रबंधन का आभार जताया है। इस दौरान बैंक के रीजनल मैनेजर आशीष गैरोला, नैनीताल शाखा की चीफ मैनेजर रेनू भंडारी, सीनियर एसोसिएट अभिषेक अधिकारी, जू रेंजर अजय रावत, डॉ. हिमांशु पांगती आदि मौजूद रहे।
मालूम हो कि नैनीताल स्थित गोविंद बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणी उद्यान में 231 वन्यजीव संरक्षित हैं, जिनकी देखभाल के लिए हर महीने करीब 20 लाख रुपये खर्च होते हैं। चिड़ियाघर में घूमने आने वाले पर्यटकों द्वारा खरीदे जाने वाले टिकट शुल्क से यह खर्च निकलता है। वहीं, वन्यजीवों को अंगीकृत करने का भी प्रावधान है।
इसमें संस्थाओं और अन्य लोगों द्वारा वन्यजीवों को अंगीकृत कर उनके भरण-पोषण का खर्च उठाया जाता है। वहीं, कोरोना काल में पर्यटकों की कमी के कारण वन्जीवों की देखभाल को लेकर तमाम आर्थिक परेशानियां आ रही हैं। ऐसे में लोगों व संस्थाओं से मदद का आह्वान किया जा रहा है।
एसबीआई ने सीएसआर फंड से की मदद
एसबीआई हल्द्वानी के उप महाप्रबंधक देवाशीष मित्रा ने बताया कि सीएसआर फंड से पिछले चार वर्षों से बैंक द्वारा चिड़ियाघर के जीवों को अंगीकृत करने की पहल शुरू की गई थी। मगर सीएसआर फंड में अधिक बजट नहीं होने के कारण अभी तक करीब 30 हजार की धनराशि ही दी जा रही थी। इस बार बैंक ने 10 लाख की धनराशि की मदद की है।
