गोरखपुर: गति केडब्ल्यूई कम्पनी के फ्रेंचाइजी ने अधिकारियों पर लगाया गम्भीर आरोप

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गोरखपुर। गति केडब्ल्यूई कम्पनी गोरखपुर एवं महराजगंज की फ्रेन्चाईजी रोहित दत्त शुक्ला ने गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के सभागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि हमारे कम्पनी के उच्च पदस्थ अधिकारियों केएस परिहार, पंकज श्रीवास्तव, गौरव द्विवेदी एवं जोनल नार्थ हेड अनुराग अग्रवाल द्वारा मेरा आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। केएस …

गोरखपुर। गति केडब्ल्यूई कम्पनी गोरखपुर एवं महराजगंज की फ्रेन्चाईजी रोहित दत्त शुक्ला ने गोरखपुर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब के सभागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि हमारे कम्पनी के उच्च पदस्थ अधिकारियों केएस परिहार, पंकज श्रीवास्तव, गौरव द्विवेदी एवं जोनल नार्थ हेड अनुराग अग्रवाल द्वारा मेरा आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। केएस परिहार एवं पंकज श्रीवास्तव ने मुझे कोरा एवं झूठा आश्वासन द्वारा गलत बयानी कर हमें गुमराह किया, जिसे मेरा 22 लाख रूपया डूब गया।

कम्पनी और बतौर फ्रेन्चाईजी के बीच अलग-अलग समय पर अलग-अलग जानकारी देकर बिना पूर्व सूचना एवं लीगल नोटिस दिये बगैर गोरखपुर में दूसरा फ्रेन्चाईजी/डिपो इन दोनों अधिकारियों ने बना दिया।

वार्ताकार ने आरोप लगाया कि केएस परिहार ने गोरखपुर जनपद के गीडा थाने से मिलकर जबरन मुझसे घर से बुलवाया, साथ ले जाकर आफिस का ताला खुलवाया, जबकि मैंने व्यक्तिगत रूप से कम्पनी के फ्रेन्चाईजी के नाते कम्पनी के जरूरी कार्य जैसे-गीता प्रेस के साहित्य का वितरण, जीवन रक्षक दवाओं, ड्राई फ्रूट्स सहित सरकार व सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सामानों की आपूर्ति मेरे द्वारा अपना कर्तव्य मानकर सहर्ष किया गया।

इस दौरान थानाध्यक्ष गीडा ने बीते कल 18 फरवरी को सुबह फोन कर मुझे जबरन बुलाया, शादी और मेहमान का जिक्र करने पर उन्होंने स्वयं घर पर आकर उठा ले जाने का दबाव बनाकर हमें राजघाट थाना अन्तर्गत घन्टा घर पुलिस बूथ पर बुलाया और अपने साथ लेकर गुरौली स्थित गति के आफिस ले गये,जहां पर जबरन ताला खुलवाये। उन्होंने कहा कि मैं शिक्षित बेराजगार हूँ।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा युवाओं को स्व रोजगार के लिए प्रेरित करने के आह्वान पर प्रेरणा लेते हुए स्व रोजगार हेतु 10 लाख रूपये अपने घर-परिवार और मित्रों के सहयोग से फ्रेन्चाईजी लिया। जिसमें मेरे अतिरिक्त 20 परिवारों का भरण पोषण हो रहा था।

लगभग 05 माह में 44 लाख रूपये बतौर फ्रेन्चाईजी कम्पनी का कार्य करते हुए मेरे द्वारा खर्च किया गया। कम्पनी ने हमें 22 लाख रूपये दिया और हमारा 22 लाख रूपये नहीं दिया। इस सम्बन्ध में हमारे अधिकारी केएस परिहार द्वारा कोरा आश्वासन देते हुए हमारे और कम्पनी के बीच में दरार पैदा किया।इतना ही नहीं पुलिस द्वारा हमारा जबरन आर्थिक एवं मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि हमारा परिवार भूखमरी के कगार पर आ गया है, कर्ज के दबाव में आत्महत्या करने को विवश हो गये हैं। मेरे साथ हुए किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना के वास्तविक जिम्मेदार केएस परिहार, पंकज श्रीवास्तव, गौरव द्विवेदी एवं जोनल नार्थ हेड अनुराग अग्रवाल सहित थानाध्यक्ष गीडा विनय कुमरा सरोज होंगे।

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