बरेली: बोला दरोगा रुपये दो तब जांच में शामिल होगा समझौतानामा
बरेली, अमृत विचार। प्लॉट के विवाद को लेकर एक महिला ने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेकिन बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। महिला और उसके पति का आरोप है कि जब उन्होंने समझौतानामा जमा करने को कहा, तब दरोगा ने समझौतानामा लेने से इनकार कर दिया। आरोप है कि …
बरेली, अमृत विचार। प्लॉट के विवाद को लेकर एक महिला ने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेकिन बातचीत के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। महिला और उसके पति का आरोप है कि जब उन्होंने समझौतानामा जमा करने को कहा, तब दरोगा ने समझौतानामा लेने से इनकार कर दिया। आरोप है कि दरोगा ने महिला से रुपये मांगे। जब दरोगा ने समझौतानामा जमा नहीं किया तो पीड़िता ने एडीजी से शिकायत की। एडीजी ने फरीदपुर इंस्पेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फरीदपुर थाना क्षेत्र के गांव फर्रखपुर मझौआ की रहने वाली आशिया शनिवार को एडीजी कार्यालय पहुंची। शिकायत के दौरान उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनका और उनके पति आसिफ का विवाद हो गया था। जिसके चलते वह मायके चली गई थीं। उसी दौरान उनके पति ने गांव में उनके नाम पर मौजूद प्लॉट में 4 सितंबर 2021 को नीव खुदवा दी और जालसाजी करके प्लॉट का बैनामा करा दिया था। मामले में आयशा ने पति के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
हालांकि बाद में दोनों के बीच समझौता हो गया। वहीं समझौता होने के बाद जब वह जांच कर रहे दरोगा के पास पहुंची तो दरोगा ने समझौतानामा को जांच में शामिल करने के लिए उनसे दो लाख रुपये की मांग रख दी। आयशा ने 25 हजार रुपये देने की बात कही लेकिन दरोगा दो लाख पर ही अड़ा रहा। जब इसकी वजह पूछी तो दरोगा का जबाव बड़ा ही अटपटा था। दरोगा का कहना था कि सीओ से लेकर एसपी देहात तक उन्हें हिस्सा देना होता है। हार थक कर आयशा ने प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम कराने की बात दरोगा से कह दी लेकिन दरोगा तब भी नहीं माना। एडीजी के शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी इंस्पेक्टर जीत सिंह ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं।
