राहत की ओर

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Edited By Amrit Vichar
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देश में कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट के बाद प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है। परंतु बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन किया जाना जरूरी है। राहत की बात है कि देश में दैनिक संक्रमण दर 1.93 प्रतिशत हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोविड संक्रमण के कुल 16 हजार 51 …

देश में कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट के बाद प्रतिबंधों में छूट दी जा रही है। परंतु बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन किया जाना जरूरी है। राहत की बात है कि देश में दैनिक संक्रमण दर 1.93 प्रतिशत हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोविड संक्रमण के कुल 16 हजार 51 नए मरीज सामने आए हैं। विषाणु विज्ञानियों का कहना है कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है लेकिन टीकाकरण से देश के सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने की शुरुआत संभव हुई है।

पिछले 24 घंटे में देशभर में सात लाख से अधिक कोविड टीके लगाए गए हैं। इसके साथ ही कुल टीकाकरण 175.46 करोड़ से अधिक हो गया है। अब सीरम इंस्टीट्यूट ने 12 से 17 साल आयु समूह के लिए अपने कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवोवैक्स’ के आपात इस्तेमाल की मंजूरी मांगी है। उम्मीद की जा सकती है कि यह स्वीकृति न सिर्फ देश को फायदा पहुंचाएगी बल्कि दुनिया को भी लाभान्वित करेगी। देश में 15-18 वर्ष के किशोरों के टीकाकरण करने के लिए बायोटेक की ‘कोवैक्सीन’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या भी लगातार कम हो रही है। देश भर के अस्पतालों में कोविड-19 वार्ड अब लगभग खाली हैं। कोविड के चलते अस्पताल में भर्ती होने वालों की तादाद कम हुई है। कुछ मरीजों को कोविड जटिलताओं जैसे फेफड़ों को हुए नुकसान जैसी स्थिति के लिए भर्ती करने की आवश्यकता होती है। इसलिए अन्य गैर-कोविड बीमारियों की नियमित जांच में कोविड की जांच हो रही है। एक शोध के अनुसार कोविड-19 मरीजों में मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि 18 प्रतिशत से ज्याडदा कोविड मरीजों ने संक्रमण से उबरने के सालभर बाद भी मानसिक परेशानी उठाई। जिन लोगों को कोरोना नहीं है, उनके मुकाबले कोविड से संक्रमित रहे लोगों में मानसिक स्वास्थ्य समस्या का प्रतिशत ज्यादा है। उधर वैज्ञानिकों के लिए कोरोना के नए वैरिएंट चिंता का सबब बने हुए हैं।

हाल ही में जापानी वैज्ञानिकों की टीम ने ओमिक्रान के सबवेरिएंट बी 2 को पहचाना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह डेल्टा से भी अधिक तेजी से फैलने वाला है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी कि प्रतिबंधों में ज्यादा ढील देने का समय अभी नहीं आया है। यानि हमें सावधानी बरतते हुए कोविड के साथ जीना सीखने की शुरुआत करनी होगी। मास्क, सामाजिक दूरी व टीकाकरण के मामले में सतर्कता बरतनी होगी।