एचआईवी संक्रमित बच्चों को दी जाएंगी मीठी गोलियां, नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने भेजी दवा
कानपुर। शहर में एचआईवी संक्रमित बच्चों को पहली बार मीठी गोलियां दी जाएंगी। नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने दो बच्चों के लिए विशेष तौर पर दवा भेजी है। ये बच्चे गर्भ में ही एचआईवी संक्रमित हो गए थे। एक की उम्र डेढ़ माह और दूसरे की चार महीने है। पहली बार मेडिकल कॉलेज के एआरटी …
कानपुर। शहर में एचआईवी संक्रमित बच्चों को पहली बार मीठी गोलियां दी जाएंगी। नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी ने दो बच्चों के लिए विशेष तौर पर दवा भेजी है। ये बच्चे गर्भ में ही एचआईवी संक्रमित हो गए थे। एक की उम्र डेढ़ माह और दूसरे की चार महीने है।
पहली बार मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में इतनी कम उम्र के बच्चे पंजीकृत किए गए हैं। इतने छोटे बच्चों के लिए हाल ही में ग्रेनूल के रूप में मीठी एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी की दवाएं मीठी गोलियां के रूप में तैयार की गई हैं। गर्भ ठहरने पर एंटीनेटल चेकअप के दौरान ही आमतौर पर संक्रमण का पता चल जाता है। दवाएं शुरू हो जाती हैं तो बच्चे को संक्रमण से बचाया जा सकता है।
कुछ बच्चों में संक्रमण का पता दो वर्ष से पांच वर्ष की उम्र में चलता है। एआरटी सेंटर मेडिकल कॉलेज के चिकित्साधीक्षक डॉ. पीके निगम ने बताया कि 1० दिन के अंदर दो बच्चे पहली बार एआरटी सेंटर में पंजीकृत हुए हैं। नेशनल एड्स कंट्रोल सोसाइटी की गाइडलाइन के अनुसार दोनों की दवाएं शुरू कर दी गई है।
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