लखीमपुर-खीरी: प्रत्याशियों और समर्थकों को भृमित करते रहे मतदाता
लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। बुधवार को जिले में आठों सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद चुनावी रण समाप्त हो गया, लेकिन तादात में ऐसे वोटर दिखे जिन्होंने अपना वोट कहां और किसे दिया। कतई जाहिर ही होने नहीं दिया। अगर बताया भी तो गलत। इन वोटरों ने प्रत्याशी और उनके समर्थकों को भी उधेड़बुन में डाल दिया …
लखीमपुर-खीरी,अमृतविचार। बुधवार को जिले में आठों सीटों पर मतदान संपन्न होने के बाद चुनावी रण समाप्त हो गया, लेकिन तादात में ऐसे वोटर दिखे जिन्होंने अपना वोट कहां और किसे दिया। कतई जाहिर ही होने नहीं दिया। अगर बताया भी तो गलत। इन वोटरों ने प्रत्याशी और उनके समर्थकों को भी उधेड़बुन में डाल दिया और अपने मनपसन्द पार्टी और प्रत्याशी को वोट दिया।
चुनाव में जिस तरह से उम्मीदवारों ने विधानसभा चुनाव की तैयारी की थी। जाति, बिरादरी आदि का गुणाभाग कर समीकरण बैठाए थे। ऐन वक्त पर यह समीकरण और गुणाभाग प्रत्याशियों पर ऐसे मतदाताओं ने पलीता लगा दिया, जो पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे। ऐसे मतदाताअ ों की संख्या विधानसभाओं में काफी कम रही जो मुखर होकर खुलकर अपने प्रत्याशी या चेहती पार्टी को वोट दिया और आसपास के लोगों से वोट कहां डाला और किसको दिया आदि पर खुलकर बात की।
लेकिन इन विधानसभाओं में ऐसे मतदाताओं की संख्या बहुतायत रही जो चुप्पी साधे रहे। उन्होंने प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को भी भ्रम में डाले रखा। प्रत्याशी और समर्थकों को वोट देने का भरोसा दिलाया, लेकिन जब बूथ पर पहुंचे तो अपनी मनपसंद पार्टी व उसके प्रत्याशी को वोट दिया। बाहर निकले तो जिस दल के समर्थक ने पूछा बेबाक उसी को वोट देने की बात कही।
आसपास व पास पड़ोस के लोगों की बातों में भी खूब हां में हां मिलाई। पास पड़ोसियों ने उनका मन मटोला तो वह उल्टे ही उन्हीं की हां में हां मिलाते रहे और उनके मन की बात तो ले ली, लेकिन अपना मत कहां दिया। इस पर पूरी तरह से चुप्पी साधे रहे और दूसरे का मन टटोल लिया।
यह वह मतदाता हैं जो चुनाव की गणित बिगाड़ने की ताकत रखते हैं। इस चुनाव में प्रत्याशियों ने जो गुणाभाग कर चुनावी गणित बिठाई। ऐसे मतदाताओं ने उन चुनावी समीकरणों को पूरी तरह से प्रभावित किया है। लखीमपुर सदर, निघासन, पलिया, धौरहरा, श्रीनगर, मोहम्मदी, कस्ता व पलिया विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे तमाम मतदाताअ ों ने प्रत्याशियों औैर उनके समर्थकों की धुकधुकी बढ़ा दी है।
नगरिया बूथ पर फर्जी वोट को लेकर नोकझोंक, पूर्व प्रधान हिरासत में
विधानसभा धौरहरा के थाना ईसानगर क्षेत्र के नगरिया बूथ पर फर्जी मतदान को लेकर उस समय बखेड़ा खड़ा हो गया, जब पुलिस ने ने भाजपा के कार्यकर्ताओं पर फर्जी वोट डालने का आरोप लगा रहे पूर्व प्रधान से अभ्रदता कर दी। इससे लोग भड़क गए और जमकर बवाल किया। मौके पर पहुंची थाना ईसानगर पुलिस ने पूर्व प्रधान को हिरासत में ले लिया।
हालांकि पुलिस घटना से इंकार कर रही है।
सपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि नगरिया बूथ पर भाजपा के कुछ लोग फर्जी वोटिंग करा रहे थे। जिसका सपाइयों ने विरोध किया। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के साथ विवाद बढ़ने लगा। इसी बीच मौके पर पहुंची पुलिस और भाजपाइयों से सपा समर्थक भिड़ गए। उनके बीच नोकझोंक होने लगी।
इस पर पुलिस ने नगरिया के पूर्व प्रधान रावेंद्र को हिरासत में ले लिया और उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। इससे लोग भड़क गए। हालात बेकाबू होते देख पुलिस पूर्व प्रधान को थाना ईसानगर ले गई। इससे लोग भड़क गए हैं। पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में काफी रोष है। हालांकि पुलिस किसी बवाल या पूर्व प्रधान को हिरासत में लेने से इंकार कर रही है।
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