उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल: गर्भवती को समय पर नहीं मिली एंबुलेंस, नवजात ने तोड़ा दम, अब पीड़ित ने उठाया यह कदम
बागेश्वर, अमृत विचार। जनपद के कांडा क्षेत्र में प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सदमे से कुछ उभरे पिता ने अब 108 सेवा खराब होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कांडा की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। साथ …
बागेश्वर, अमृत विचार। जनपद के कांडा क्षेत्र में प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सदमे से कुछ उभरे पिता ने अब 108 सेवा खराब होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए इसके लिए स्वास्थ्य विभाग कांडा की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही इसकी शिकायत अनुसूचित जाति आयोग को की है।
कांडे कन्याल निवासी ललित प्रसाद पुत्र जोगा राम ने आयोग के अध्यक्ष समेत प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजकर स्वास्थ्यविभाग की लापरवाही की शिकायत की है। कहा है कि उनकी पत्नी बीना को 21 फरवरी को प्रसव पीढ़ा हुई तो उन्होंने 108 नंबर पर काल की जिस पर एंबुलेंस खराब होने की बात बताई। जिसके बाद वे अन्य वाहन से अपनी पत्नी को लेकर कांडा अस्पताल ले गए तो वहां इमरजेंसी पर कोई तैनात नहीं था तथा कक्ष खाली था।
इस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी को फोन किया तो एक नर्स वहां आई तथा उसने नवजात शिशु की गर्दन व पेट पकड़ कर खींचा व उसे टे में रखा। जन्म के बाद बच्चा मां का दूध नहीं पी सका तो उसे घर से मंगाया दूध पिलाया तथा बच्चे को गर्म बिस्तर पर रखा परंत कुछ देर बाद ही नवजात शिशु की मौत हो गई।
ललित प्रसाद ने इसके लिए कांडा चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि यहां पर प्रभारी चिकित्साधिकारी समेत कोई चिकित्सक नहीं रहते हैं तथा नर्स के भरोसे स्वास्थ्य सेवा छोड़ी है। उन्होंने आयोग समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस मामले की शिकायत करते हुए मामले की जांच करने व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नवजात शिशु की मौत के कई कारण होते हैं। नवजात शिशु की मौत से मैं काफी व्यथित हूं। मामला गंभीर है जिसकी की जांच कराई जाएगी। – डा. सुनीता टम्टा, सीएमओ बागेश्वर
