किच्छा: चचेरे भाई ने फर्जी तरीके से जमीन हड़पी, रिपोर्ट दर्ज

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किच्छा, अमृत विचार। फर्जी तरीके से चचेरे भाई ने भू माफिया से मिलीभगत कर करोड़ों की कीमत की कृषि भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया। पूरे मामले में तहसील किच्छा के राजस्व निरीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक सहित जालसाजी के अन्य आरोपियों …

किच्छा, अमृत विचार। फर्जी तरीके से चचेरे भाई ने भू माफिया से मिलीभगत कर करोड़ों की कीमत की कृषि भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया। पूरे मामले में तहसील किच्छा के राजस्व निरीक्षक की भूमिका भी संदिग्ध बनी हुई है। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक सहित जालसाजी के अन्य आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

न्यायालय के निर्देश पर दर्ज रिपोर्ट में ग्राम रुद्रपुर सानी बखपुर, कोतवाली किच्छा निवासी परविंदर सिंह पुत्र जरनैल सिंह ने कहा कि ग्राम घडसीसर, सरदार शहर, जिला चुरू, राजस्थान निवासी प्रेम सिंह पुत्र शिवदान सिंह ने अपने जमीन संबंधी मामले की पैरवी के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी दी थी। वादी परविंदर सिंह ने कहा कि प्रेम सिंह, रतन सिंह और जीवराज सिंह उर्फ जयराज सिंह तीनों सगे भाई हैं। इनमें से 10 सितंबर 1988 को रतन सिंह की मृत्यु हो चुकी है तथा रतन सिंह अविवाहित थे।

दर्ज रिपोर्ट में उन्होंने कहा कि ग्राम गंगापुर चमरान, नजीबाबाद क्षेत्र में रतन सिंह के नाम अलग-अलग क्षेत्रों में कई एकड़ भूमि दस्तावेजों में अंकित थी। उन्होंने बताया कि रतन सिंह की भूमि की देखभाल करनी सिंह व उनके भाई पदम सिंह करते थे। करनी सिंह ने अपने भाई पदम सिंह के साथ मिलकर मृतक रतन सिंह के हकीकी वारिस अमर सिंह का नाम 14 मार्च 1993 को खतौनी में गलत व कूटरचित तरीके से अंकित करा दिया, जबकि उक्त जमीन के वारिस उनके सगे भाई प्रेम सिंह व जीवराज सिंह उर्फ जयराज सिंह हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि मृतक रतन सिंह के चचेरे भाई पदम सिंह व करनी सिंह के पास मृतक रतन सिंह की अपासी लगान की रसीद रहती थी, इसी के चलते अमर सिंह ने अपने चाचा पदम सिंह के साथ मिलकर भूमि हड़पने का षड्यंत्र बनाया तथा कुछ भू- माफिया से फर्जी वाद दर्ज कराए, जबकि वर्तमान में ग्राम नजीमाबाद के परिवार रजिस्टर में अमर सिंह पुत्र करनी सिंह का नाम अंकित है।

परविंदर सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने 21 जनवरी 2022 को किच्छा कोतवाली में सूचना दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की लेकिन कोतवाली पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने 29 जनवरी 2022 को एसएसपी को शिकायती पत्र देते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई। लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल न्यायालय के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

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