कानपुर: होलिका दहन से सड़कें बचाने की कवायद शुरू, दहन स्थल पर ईंटें और बालू बिछवाएगा नगर निगम
कानपुर। शहर में करीब 3600 से अधिक स्थानों पर प्रतिवर्ष होलिका दहन होता है। इससे डामर की सड़कें जलने से खराब हो जाती हैं। इस समस्या से निबटने को नगर निगम ने सभी दहन स्थलों पर ईंट और बालू बिछवाने की योजना बनाई है। इसके लिए 72 हजार ईंट और 36 हजार किलो बालू खरीदी …
कानपुर। शहर में करीब 3600 से अधिक स्थानों पर प्रतिवर्ष होलिका दहन होता है। इससे डामर की सड़कें जलने से खराब हो जाती हैं। इस समस्या से निबटने को नगर निगम ने सभी दहन स्थलों पर ईंट और बालू बिछवाने की योजना बनाई है। इसके लिए 72 हजार ईंट और 36 हजार किलो बालू खरीदी जाएगी। नगर निगम ने होलिका वाले स्थानों को जोनवार चिह्नि्त करके सूची बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।
इस बार 17 मार्च को होलिका दहन होगा। शहर में बसंत पंचमी से लोग कई इलाकों में होलिका दहन के स्थान पर लकड़ी रखने लगेते हैं। ग्वालटोली, सर्वोदय नगर, परमट समेत कई इलाकों में होलिका दहन के लिए लकड़ी रखी जाने लगी है। कई जगह तो सौ मीटर दूरी पर तीन-तीन जगह होलिका दहन होता है। प्रतिवर्ष कुछ मोहल्लों में होली जलाने के स्थान भी बढ़ जाते हैं। होलिका जलने पर तारकोल गरम होकर उखड़ जाता है। सड़कें बचाने को नगर निगम ने होलिका दहन स्थलों पर ईंटें बिछाकर उसके ऊपर बालू और मिट्टी डालने की योजना बनाई है। इस कार्य के लिए जोनवार अभियंत्रण विभाग की टीमें लगाई जाएंगी।
72 हजार ईंट व 36000 किलो लगेगी बालू
शहर में 3600 स्थानों पर होलिका दहन होता है। एक स्थान पर 20 ईंट व 10 किलो बालू लगती हैं। इस प्रकार 72,000 ईंट व 36,000 किलो बालू लगेगी। इसके लिए टीमें बनाकर विभागीय स्तर पर खरीदारी की जाएगी।
होलिका दहन स्थल पर ईंट और बालू बिछाने को खरीदारी विभागीय स्तर पर होगी। एक साल पहले सभी स्थानों पर ईंट, बालू व मिट्टी बिछा दी जाएगी। जोनवार टीम बनाकर कार्य किया जाएगा…एसके सिह, मुख्य अभियंता नगर निगम।
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