सीतापुर: बस सेवा बंद होने से बढ़ी लोगों की मुश्किलें, यात्री परेशान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

सीतापुर। जिले के अंतिम छोर को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए संचालित एकमात्र बस सेवा चुनाव के पूर्व से अचानक बन्द होने से सैकड़ों यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। करीब तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों के आवागमन के लिए चल रही एकमात्र बस के बंद होने से जिले तक …

सीतापुर। जिले के अंतिम छोर को जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए संचालित एकमात्र बस सेवा चुनाव के पूर्व से अचानक बन्द होने से सैकड़ों यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। करीब तीन दर्जन से अधिक ग्रामीणों के आवागमन के लिए चल रही एकमात्र बस के बंद होने से जिले तक पंहुचना मुश्किल हो गया है। जिले के सीमांत ब्लॉक रामपुर मथुरा से करीब 14 किमी दूर बसे सीमांत गांव गोंडा देवरिया से करीब पांच वर्ष पूर्व से राजधानी के लिए कैसरबाग डिपो की एक बस सेवा करीब एक वर्ष पूर्व सीतापुर डिपो द्वारा बस सेवा शुरू की गई थी।

बस सेवा शुरू होने से राजधानी व जिला मुख्यालय के लिए आवागमन काफी सुलभ हो गया था। लोग कम समय व कम खर्च में ही दोनों मुख्यालय पंहुच जाते थे। बसों के संचालन से सबसे अधिक लाभ क्षेत्र के फल व सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को हुआ है। यहां के किसान इन बसों से फल व सब्जी लेकर राजधानी व जिला मुख्यालय तक आसानी से पंहुच जाते थे। वर्तमान में इस प्रकार के किसान अपना उत्पादन मजबूरी में कम दामों में गांव की बाजारों में बेच रहे हैं। दोनों स्थानों के लिए एकमात्र बस सेवा बन्द होने से लोगों के पास गांव से आने जाने के लिए कई प्राइवेट साधन बदलने पड़ते है।

इसके अलावा इस गांव से करीब 14 किमी दूर रामपुर मथुरा पंहुचने पर ही दोनों मुख्यालयों के लिए बस सेवा मिल सकती है। ग्रामीण राजू श्रीवास्तव, अनूप कुमार, जितेंद्र सिंह, अभिषेक सिंह, मुमताज अली, गुड्डू शुक्ल आदि ने मांग की है कि जिन सड़कों पर किसी स्थान के लिए एक ही बस संचालित हैं। उन्हें अवश्य संचालित किया जाए, ताकि आम लोगों को आवागमन में असुविधाओं का सामना न करना पड़े।

यह भी पढ़ें:-गोरखपुर: भाजयुमो ने निकाली युवा विजय संकल्प बाइक रैली, तेजस्वी सूर्या और अनुराग ठाकुर को देखने उमड़ी भीड़

संबंधित समाचार