अलीगढ़: यूक्रेन से लौटी माधवी ने बताई सिहरन पैदा करने वाली सर्द रातों की कहानी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अलीगढ़। यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला, बिना खाने के साथ रोमानिया बार्डर पर पहुंचने की चुनौती उसके ऊपर माइनस छह से सात डिग्री सेल्सियस तापमान से रातभर जूझने का अनुभव यह विद्यार्थी ही नहीं किसी के लिए भी कठिन व चुनौती भरा होगा। ग्रीन पार्क निवासी मेडिकल छात्रा माधवी अरोरा के लिए भी ये …

अलीगढ़। यूक्रेन पर रूसी सेना का हमला, बिना खाने के साथ रोमानिया बार्डर पर पहुंचने की चुनौती उसके ऊपर माइनस छह से सात डिग्री सेल्सियस तापमान से रातभर जूझने का अनुभव यह विद्यार्थी ही नहीं किसी के लिए भी कठिन व चुनौती भरा होगा। ग्रीन पार्क निवासी मेडिकल छात्रा माधवी अरोरा के लिए भी ये भयावह था लेकिन जब रविवार शाम करीब छह बजे उन्होंने दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई जहाज से उतरकर अपने वतन की जमीं पर पैर रखा तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

मानो नया जीवन मिल गया हो। बाहर आकर अपने पिता के गले लगकर उनकी खुशी सातवें आसमान पर थी, इसकी गवाही उनके छलकते आंसू दे रहे थे। वहीं मां व दादी की ममता ने उनको सुकून के पल दिए। माधवी ने बताया कि एयरपोर्ट के बाहर पापा पुनीत अरोरा (घी कारोबारी) के साथ मम्मी रचना अरोरा, दादी नीलम अरोरा को देखा तो अपने आपको उनके गले लगने से रोक नहीं सकीं। बताया कि शुक्रवार शाम रोमानिया बार्डर क्रास कर गए थे। 10 किलोमीटर पहले ही कार ने उतार दिया था।

वहां से पैदल ही रास्ता तय किया। शनिवार रात को एयरपोर्ट में जाने के लिए सात घंटे बर्फीली हवाओं के बीच भूखे-प्यासे लाइन में लगे रहे। रविवार को दोपहर करीब 12 बजे फ्लाइट में बैठने का मौका लगा। और शाम छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरे। थकान से चकनाचूर माधवी कहती हैं कि अपने देश आकर व परिवार से मिलकर थकान सुकून में बदल गई है। माता-पिता व दादी ने भी बेटी को गले से लगा लिया।

यह भी पढ़ें:-हल्द्वानी: दुकान में चोरी भी की, फिर आग भी लगा दी

संबंधित समाचार