रूस-यूक्रेन युद्ध : आज वापस आ सकते हैं मुरादाबाद के 11 और विद्यार्थी, राह देख रहे परिजन

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद/अमृत विचार। रूस-यूक्रेन जंग में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं के इंतजार में उनके घरवालों की नींद उड़ी हुई है। सभी उनके घर आने की राह देख रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ऐसे लोगों को सुरक्षित घर वापसी का भरोसा दे रहा है। सोशल मीडिया और संचार माध्यमों से लोग बच्चों के संपर्क में बने हुए हैं। …

मुरादाबाद/अमृत विचार। रूस-यूक्रेन जंग में फंसे भारतीय छात्र-छात्राओं के इंतजार में उनके घरवालों की नींद उड़ी हुई है। सभी उनके घर आने की राह देख रहे हैं, जबकि जिला प्रशासन ऐसे लोगों को सुरक्षित घर वापसी का भरोसा दे रहा है। सोशल मीडिया और संचार माध्यमों से लोग बच्चों के संपर्क में बने हुए हैं।

जिला प्रशासन के रिकार्ड में जिले के 31 विद्यार्थी संपर्क में होने के बाद भी देश की ओर नहीं बढ़ सके हैं। जबकि, 11 विद्यार्थी कुछ घंटों के अंदर अपनों के बीच होंगे। बुधवार को दिन भर ऐसे परिवार के सदस्यों के मन में बेचैनी देखी गई। लोग मोबाइल के जरिए बच्चों का कुशल-क्षेम जानने में जुटे रहे। जबकि जिला प्रशासन की ओर से यूक्रेन में फंसे छात्रों और उनके परिवार वालों से निरंतर संपर्क किया जा रहा है। लाइनपार और पाकबड़ा के दो दोस्त अभी फ्लाइट के इंतजार में हैं। जबकि 11 विद्यार्थी सुरक्षित स्थान की ओर आगे बढ़ गये हैं। नगर मजिस्ट्रेट एमपी सिंह ने कार्यालय में बैठकर हालात की समीक्षा की।

इंदिरा गांधी एयरपोर्ट दिल्ली के बातचीत कर छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया। घर वालों को भरोसा दिया कि यूक्रेन में फंसे युवाओं के संपर्क में प्रशासन है। उधर, हमलों में बड़ी तादाद में जान-माल का नुकसान हो रहा है। लोगों की तरफ से शांति की कोशिशों संग दुआएं भी की जा रहीं हैं। छात्राओं और चित्रकार ने भी कला के माध्यम से शांति संदेश देने की कोशिश की। अपील की कि अब युद्ध शांत होना चाहिए। बातचीत के जरिये कोई रास्ता निकले तो दोनों देशों के हित में रहेगा। चित्रकार नरेंद्र सिंह ने देश के शहीद नौजवान को श्रद्धांजलि दी।

परिवार वालों को तीन छात्रों के लौटने का इंतजार
कांठ। ऊमरी कलां निवासी मोहम्मद अफनान पुत्र मोहम्मद शाकिर, साकिब शाजिद पुत्र मोहम्मद शाजिद अली और नावेद यूसुफ पुत्र मोहम्मद यूसुफ भी यूक्रेन से लौट रहे हैं। अफनान के परिजनों का कहना है कि वह खारकीव के रेलवे स्टेशन पर पहुंच चुका है। गांव का ही साकिब शाजिद पुत्र मोहम्मद शाजिद अली यूक्रेन में ओडिसा नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस में फाइनल का छात्र है। इनके भाई शहरोज शाजिद ने बताया कि 28 फरवरी को शाकिब साजिद ने बॉर्डर पार किया था। अब वह बुखारेस्ट एयरपोर्ट पर है। खाने-पीने की कोई व्यवस्था वहां नहीं है। वह काफी दहशत में है। इंडियन एंबेसी ने एयरपोर्ट के पास उसे रखा है। दूसरी ओर गांव का नावेद यूसुफ पुत्र मोहम्मद यूसुफ भी यूक्रेन खारकीव रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से हवाई अड्डे तक पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहा है। तीनों के परिजनों उनके सकुशल लौटने के लिए दुआएं कर रहे हैं।

तीन दिनों से फ्लाइट का इंतजार फैज व अर्पित के मां-बात परेशान
मुरादाबाद। दो छात्र रोमानिया में तीन दिनों से फ्लाइट का इंतजार कर रहे हैं। दोनों 28 फरवरी को यूक्रेन से रोमानिया पहुंच गए थे। उपनगर पाकबड़ा निवासी बाबू आलम का बेटा फैज आलम व शहर के लाइनपार का अर्पित भी वहां है। दोनों देश आने के लिए परेशान हैं। फैज के पिता बाबू आलम ने बताया कि दोनों बच्चे रोमानिया में फ्लाइट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

विदेश में इन छात्रों के संपर्क में है जिला प्रशासन
शौर्य गोयल- रोमानिया एयरपोर्ट
नाज जाबिर- खारकीव एयरपोर्ट
अमन अहमद -रोमानिया शेल्टर होम में
सकीबुल इस्लाम -स्लोवाकिया दूतावास
मो. अरहान- रोमानिया शेल्टर होम
अब्दुल वासित- रोमानिया एयरपोर्ट
तबस्सुम- रोमानिया एयरपोर्ट
निमेष सक्सेना -संपर्क नहीं
सजल क्रांति -संपर्क नहीं
अर्पित शर्मा- रोमानिया के भारतीय दूतावास में
हसनैन -हंगरी से ट्रेन से रवाना
कौशल भारद्वाज -हंगरी से ट्रेन से निकले

नगर मजिस्ट्रेट एमपी सिंह ने कहा कि जिले के 11 छात्र वापस आ गए हैं। कुल 42 सदस्य वहां मेडिकल की शिक्षा ग्रहण करने गए हैं। ऐसे में 31 छात्र छात्राओं को सुरक्षित लाया जाना बाकी है। प्रशासन छात्रों और उनके संपर्क में है। शौर्य गोयल से हमने बात भी की है। सभी 11 छात्र-छात्राएं सुरक्षा जोन में आ गए हैं।

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