हल्द्वानी से चंपावत तक के जंगलों की आग बुझाएगा ‘लीफ ब्लोअर’
हल्द्वानी, अमृत विचार। अब कि बार बैक पैक लीफ ब्लोअर से जंगलों की आग बुझाई जाएगी। वन कर्मचारियों को लीफ ब्लोअर संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। यह पहली बार है जब वनाग्नि पर काबू पाने के लिए ब्लोयर का इस्तेमाल किया जाएगा। हल्द्वानी वन डिवीजन में फायर सीजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। अब कि बार बैक पैक लीफ ब्लोअर से जंगलों की आग बुझाई जाएगी। वन कर्मचारियों को लीफ ब्लोअर संचालन का प्रशिक्षण दिया गया है। यह पहली बार है जब वनाग्नि पर काबू पाने के लिए ब्लोयर का इस्तेमाल किया जाएगा।
हल्द्वानी वन डिवीजन में फायर सीजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। हल्द्वानी से लेकर चंपावत तक फैले जंगलों में फायर लाइनों की सफाई, कंट्रोल बर्निंग के साथ-साथ बीट वॉचरों की तैनाती कर दी गई है।
इसी के साथ डिवीजन में पहली बार लीफ ब्लोअर का प्रयोग किया जा रहा है। वन डिवीजन ने 14 बड़े व 8 छोटे ब्लोअर खरीदे हैं। एक ब्लोअर की कीमत 46 हजार रुपये है। गुरुवार को नंधौर वन रेंज में वन कर्मचारियों को लीफ ब्लोअर से आग बुझाने का प्रशिक्षण दिया गया। वन डिवीजन की डांडा रेंज में दो, शारदा, नंधौर, जौलासाल, छकाता में तीन-तीन लीफ ब्लोअर दिए गए हैं।
इस तरह करता है काम
वन अधिकारियों के अनुसार, बैक पैक लीफ ब्लोअर में एक ब्लोअर के साथ पीठ पर लादने के लिए एक टैंक है। इस टैंक में पेट्रोल भरा जाता है। मोटर से चलने वाला यह ब्लोअर बेहद तेजी हवा फेंकता है। हवा का वेग इतना होता है कि ब्लोअर आग को बढ़ाने की बजाय वहीं समाप्त कर देता है। एक लीटर पेट्रोल से एक घंटे तक ब्लोअर को चलाया जा सकता है।
लीफ ब्लोअर इस्तेमाल के ये हैं फायदे
फायर लाइनों की सफाई में कारगर
चौड़ी पत्ती वाले जैसे साल आदि के जंगलों में उपयोगी
संवहन में सुविधाजनक, संचालन में सरल होने की वजह से हर स्तर का कर्मी कर सकता है इस्तेमाल
बैकपैक लीफ ब्लोअर आग बुझाने में कारगर है। पहली बार लीफ ब्लोअर वर्ष 2017 में राजाजी नेशनल पार्क में ट्रायल किया गया था। हल्द्वानी वन डिवीजन ने 14 बड़े, 8 छोटे ब्लोअर खरीदे हैं। स्टाफ को इसको चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है।
= बाबूलाल, डीएफओ हल्द्वानी वन डिवीजन
