उन्नाव: पुलिस से परेशान युवक ने एसपी आफिस में किया आत्मदाह का प्रयास, मचा हड़कंप

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उन्नाव। पुलिस प्रताड़ना व उगाही से आजिज एक युवक ने गुरूवार को एसपी आफिस में आत्मदाह का प्रयास किया। हलांकि वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने तेजी दिखाते हुए उसे समय रहते पकड़ लिया। फौरन उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित ने मारपीट में गांव के ही एक युवक की मौत के …

उन्नाव। पुलिस प्रताड़ना व उगाही से आजिज एक युवक ने गुरूवार को एसपी आफिस में आत्मदाह का प्रयास किया। हलांकि वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने तेजी दिखाते हुए उसे समय रहते पकड़ लिया। फौरन उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित ने मारपीट में गांव के ही एक युवक की मौत के मामले में उसे साजिशन फंसाए जाने के बाद पुलिस की ओर से कार्रवाई का भय दिखा कर धन उगाही व मारपीट किए जाने के गंभीर आरोप लगाए है। जिला अस्पताल पहुंचे सीओ सिटी ने पीड़ित को कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आसीवन थाना क्षेत्र के मुंडा गांव निवासी विनीत (45) पुत्र स्व. जगदीश पेशे से कार चालक है। उसने गुरूवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर आत्मदाह का प्रयास किया। जिला अस्पताल में विनीत ने बताया कि बीती 3 नवम्बर को गांव में नशेबाजी को लेकर महेश पुत्र स्व. रामरतन का गांव के ही मगन व संतू ने मारपीट की। जिसमें घायल हुए महेश के उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती होने और घर आने का क्रम चलता रहा।

18 जनवरी को एक निजी नर्सिंग होम में उसकी मौत हो गयी। पीड़ित का आरोप है कि गांव के राजेन्द्र सिंह व रंजीत सिंह मृतक की मां की ओर से जो तहरीर दिलायी गयी उसमें उसका नाम साजिशन लिखवा दिया गया। उसके बाद से ही आसीवन पुलिस की प्रताड़ना का क्रम शुरू हो गया। उसने बताया कि बीते डेढ़ माह में 30 हजार रुपए देने के बाद भी उसका लगातार शोषण जारी था। थाना स्तर पर कोई कार्रवाई न होती देख आखिरकार उसने आत्मदाह का निर्णय लिया और पेट्रोल लेकर एसपी आफिस पहुंच गया।

उसने बाइक खड़ी कर जैसे ही पेट्रोल शरीर पर डाला तो वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने आनन फानन उसे पकड़ लिया। जिला अस्पताल में भर्ती विनीत का हाल लेने पहुंचे क्षेत्राधिकारी नगर कृपा शंकर सिंह ने पीड़ित को दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पुलिस प्रताड़ना के मामले पहले भी बटोर चुके हैं सुर्खियां

उन्नाव। पुलिस के शोषण से आत्मघाती कदम उठाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले बीते वर्ष 30 अगस्त को आईएएस ऑफिसर रजनीश दुबे के निजी सचिव विशंभर दयाल ने बापू भवन में खुद को गोली मार ली थी। उस मामले में भी उन्होंने अपने सुसाइड नोट में जिले के औरास थाने की पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था।

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