यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के 287 नागरिक, 86 सकुशल लौटे

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हल्द्वानी, अमृत विचार। युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्र-छात्राओं और नागरिकों का वतन लौटना जारी है। गुरुवार शाम तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के 86 छात्र-छात्राएं और अन्य नागरिक विशेष विमान से नई दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुके थे। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि अभी तक उत्तराखंड के 287 लोगों की सूचना …

हल्द्वानी, अमृत विचार। युद्धग्रस्त यूक्रेन से भारतीय छात्र-छात्राओं और नागरिकों का वतन लौटना जारी है। गुरुवार शाम तक गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के 86 छात्र-छात्राएं और अन्य नागरिक विशेष विमान से नई दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पहुंच चुके थे।

मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने बताया कि अभी तक उत्तराखंड के 287 लोगों की सूचना प्राप्त हो चुकी है, जो यूक्रेन और उसके आसपास के देशों में फंसे हैं, जिनमें से 86 सकुशल घर वापस लौट चुके हैं। गुरुवार को प्रियंका निवासी देहरादून, मोहम्मद अहमद गौर, निपुल चौधरी निवासी हरिद्वार, धैर्यवी चौहान निवासी ऊधमसिंह नगर, शिवांक कुमार निवासी देहरादून, शिवानी नेगी निवासी पौड़ी गढ़वाल, मंदीप कौर निवासी ऊधमसिंह नगर, चंदनप्रीत चौहान निवासी देहरादून, स्वाति रतूड़ी निवासी हरिद्वार, अर्श मलिक निवासी ऊधमसिंह नगर, जयेश रावत निवासी पौड़ी गढ़वाल, इदरीश निवासी ऊधमसिंह नगर, मनीष निवासी टिहरी गढ़वाल, आफताब निवासी हरिद्वार, मंथन निवासी हरिद्वार आदि छात्र-छात्राओं को उत्तराखंड के सचिव वीके सुमन, एडिशनल रेजीडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा, चीफ मैनेजमेंट ऑफिसर रंजन मिश्रा, अमर बिष्ट, दीपक चमोली, मनोज जोशी ने दिल्ली एयरपोर्ट पर रिसीव किया।

परिजनों से लगातार संपर्क में रहें अधिकारी
हल्द्वानी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने गुरुवार को सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों को यूक्रेन में फंसे उत्तराखंड के छात्र एवं अन्य नागरिकों के परिजनों से लगातार संपर्क स्थापित करते हुए जानकारी शासन एवं दिल्ली स्थित स्थानिक आयुक्त कार्यालय को शीघ्र से शीघ्र साझा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान एम.ई.ए को शीघ्रता से किया जाये ताकि यूक्रेन छात्रों और अन्य नागरिकों को शीघ्रता से निकाला जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि यदि किसी सोशल मीडिया जैसे फेसबुक और ट्विटर आदि के माध्यम से किसी छात्र या अन्य नागरिक के फंसे होने की जानकारी मिलती है, परन्तु लोकेशन ट्रैक नही हो पा रही है कि ये कहां हैं, इसके लिए एडीजी इंटेलीजेंस संजय गुंज्याल के संपर्क में रहें।

यूक्रेन में फंसी सेजल से दो दिनों से संपर्क नहीं
भवाली। यूक्रेन के खारकीव में भवाली की एक छात्रा भी फंसी हुई है। रेहड़ निवासी सेजल आर्य के चाचा अखिलेश कुमार ने बताया कि सेजल चार माह पहले खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई करने गई थी। जहां से वह युद्ध के बाद बिगड़ते हालात बता रही थी।

वहीं, जब भारत सरकार ने सभी भारतीयों को रोमानिया या पौलेंड बॉर्डर पहुंचने के लिए कहा तो सेजल भी अपने साथियों के साथ खारकीव के बॉर्डर पर पहुंची तो उसने बताया कि वहां आसपास काफी मिसाइल गिर रही थीं, जिससे वह लोग एक बंकर में छिप गए। दो दिन से सेजल से संपर्क नहीं हो पाया है, अब परिजन काफी चिंतित हैं। अखिलेश ने बताया कि सरकार बच्चों से पौलेंड बॉर्डर पर आने के लिए कह रही है जो सैकड़ों किलोमीटर दूर है, जहां युद्ध की स्थिति में पैदल पहुंचना संभव नहीं है। उन्होंने भारत सरकार से खारकीव में फंसे छात्रों को जल्द निकालने की गुहार लगाई है।

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