बहराइच: यूक्रेन की राजधानी में हो रही थी बमबारी, बंकर में गुजारे चार रात
बहराइच। रूपईडीहा निवासी अखिल त्रिपाठी शुक्रवार को यूक्रेन से घर पहुंच गए। घर पहुंचते ही अखिल ने माता पिता का आशीर्वाद लिया। अखिल के द्वारा घटना की जानकारी देने पर मां के आंखों से आंसू आ गए। नानपारा तहसील के रूपईडीहा निवासी अखिल त्रिपाठी पुत्र अवनीश त्रिपाठी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करता है। यूक्रेन …
बहराइच। रूपईडीहा निवासी अखिल त्रिपाठी शुक्रवार को यूक्रेन से घर पहुंच गए। घर पहुंचते ही अखिल ने माता पिता का आशीर्वाद लिया। अखिल के द्वारा घटना की जानकारी देने पर मां के आंखों से आंसू आ गए।
नानपारा तहसील के रूपईडीहा निवासी अखिल त्रिपाठी पुत्र अवनीश त्रिपाठी यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करता है। यूक्रेन के वाईएन कैराजिन मेडीकल यूनीवर्सिटी खरकीव में पढ़ने वाला एमबीबीएस अंतिम वर्ष का छात्र अखिल त्रिपाठी शुक्रवार को यूक्रेन से दिल्ली और लखनऊ होते हुए रुपईडीहा पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह खारकीव में रह रहे थे, हालात खराब होने के बाद वह बंकर में पांच-छह दिन रहे किसी तरह वह खारकीव रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां यूक्रेन की पश्चिमी सीमा को जाने वाली ट्रेन लबीब के लिए रवाना हुई। ट्रेन पर बमुश्किल 33 छात्रों को चढ़ने का अवसर प्राप्त मिला। किसी तरह ट्रेन में चढ़कर 24 घंटे का सफर पूरा किया।
लविव से 90 किलोमीटर चलकर बोडोमर्ज पहुंचे जो पोलैंड का बॉर्डर है। पोलैंड से भारतीय दूतावास की जानकारी मिली। यहां से दिल्ली के लिए रवाना हुए। तीन मार्च को 3:45 दिल्ली पहुंचे। दिल्ली राहत आयुक्त कार्यालय उत्तर प्रदेश भवन भेजा गया । जहां पर अधिकारियों की टीम ने सकुशल घर तक पहुंचाया। अखिल त्रिपाठी के मां-बाप भारत सरकार के इस प्रयास से बहुत ही खुश हैं और भारत सरकार को उन्होंने बधाई भी दी मोदी सरकार को बधाई दी अखिल त्रिपाठी की मां योगिता त्रिपाठी ने भी सरकार को इस कदम की प्रशंसा की आज उनकी दादी छैल त्रिपाठी, उनके चाचा आशीष त्रिपाठी आदि ने सरकार के इस कदम की सराहना की।
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