हल्द्वानी: इन छह इलाकों के जंगलों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी, इस वजह से वन विभाग ने लिया फैसला

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने फतेहपुर रेंज के जंगलों में तेंदुए और बाघ के बढ़ते हुए आतंक को देखते काठगोदाम से पनियाली तक के जंगलों में जनता की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। वन अधिकारियों के अनुसार, रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर वन रेंज के अंतर्गत बाघ, तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने फतेहपुर रेंज के जंगलों में तेंदुए और बाघ के बढ़ते हुए आतंक को देखते काठगोदाम से पनियाली तक के जंगलों में जनता की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है।

वन अधिकारियों के अनुसार, रामनगर वन डिवीजन की फतेहपुर वन रेंज के अंतर्गत बाघ, तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। बीते तीन-चार माह में तेंदुए और बाघ ने दो-दो लोगों को शिकार बना दिया। दो-तीन इनके हमले में घायल हुए। ग्रामीणों को आक्रोश देखते हुए वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए 50 से ज्यादा  ट्रैपिंग कैमरा और तीन-चार पिंजड़े लगाए हैं लेकिन बाघ या तेंदुए कोई भी वन विभाग के शिकंजे में नहीं फंस रहा है। इसके बाद वन विभाग ने जंगल  से सटी आबादी पर सख्ती लगा दी है। वन विभाग ने काठगोदाम, दमुवाढूंगा, पनियाली, वजूनिया हल्दू, गांधी आश्रम, फतेहपुर के जंगलों में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है। चेतावनी जारी है कि इन इलाकों के जंगल में बाघ, तेंदुए का मूवमेंट हो रहा है इस वजह से किसी के लिए भी जानलेवा हो सकता है। स्पष्ट कर दिया है कि जंगलों में जाने वाला व्यक्ति स्वयं ही जिम्मेदार होगा।

फतेहपुर रेंजर केआर आर्य ने बताया कि दमुवाढूंगा से पनियाली के जंगलों में बाघ और तेंदुए के मूवमेंट को देखते हुए लोगों की आवाजाही पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।

कॉर्बेट से कल पहुंचेंगे हाथी 

रेंजर केआर आर्य ने बताया कि पनियाली के जंगलों में हाथी गश्त से बाघ की तलाश की जाएगी। इसके लिए कॉर्बेट की ढिकाला रेंज से दो हाथी मंगाए हैं। ये हाथी रामनगर से निकल चुके हैं। दोनों हाथी कल सुबह तक फतेहपुर तक पहुंच जाएंगे तब गश्त की जाएगी। फिलहाल तीन वन टीमें और पशु चिकित्सकों की टीम जंगलों में बाघ की तलाश में गश्त कर रही हैं।

संबंधित समाचार