मुरादाबाद : पेड़ पर चढ़े तेंदुए की करंट लगने से मौत, मुनीमपुर के जंगल में हुआ हादसा
ठाकुरद्वारा/मुरादाबाद/अमृत विचार। सुरजननगर मार्ग स्थित गांव मुनीमपुर के जंगल में शनिवार को तड़के पेड़ पर चढ़े तेंदुए की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आकर मौत हो गई। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया। शनिवार सुबह करीब सात बजे मुनीमपुर से …
ठाकुरद्वारा/मुरादाबाद/अमृत विचार। सुरजननगर मार्ग स्थित गांव मुनीमपुर के जंगल में शनिवार को तड़के पेड़ पर चढ़े तेंदुए की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आकर मौत हो गई। इससे वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम कराया।
शनिवार सुबह करीब सात बजे मुनीमपुर से मुडीया खेड़ा गांव जाने वाले रास्ते पर जंगल में पीपल के पेड़ के नीचे तेंदुए का शव पड़ा मिला। इस पेड़ के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन भी गुजर रही है। गांव के लोग जब सुबह घूमने के लिए पहुंचे तो उन्होनें तेंदुए का शव देख वन विभाग को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी हरज्ञान सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होनें मौके का निरीक्षण करते हुए और ग्रामीणों से पूछताछ की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सुबह सात बजे 112 डायल पुलिस ने घटना की जानकारी दी थी। तेंदूए ज्यादातर पेड़ के ऊपर ही रहते हैं। इसलिए पीपल के पेड़ पर चढ़ते समय ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन की चपेट में तेंदुआ गया और उसकी मौत हो गई है। तेंदुए के बाल करंट लगने के कारण झुलस गए। इसलिए उसकी मौत किसी अन्य कारण से होने की कोई भी संभावना नहीं है। बताया कि मृतक तेंदुआ मादा है और उसकी उम्र पांच साल, लंबाई करीब 190 सेंटीमीटर और 60 किलो वजन है। वन एसडीओ सत्येन्द्र सिंह डीएफओ सूरज ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। जलालपुर में पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए के शव का दाह संस्कार किया गया।
कई तेंदुओं की पहले भी हो चुकी है करंट व दुर्घटना में मौत
करीब आधा दर्जन तेन्दुओं की करंट व अन्य कारणों से मौत हो चुकी है। करीब पांच वर्ष पूर्व गांव मधुपुरी के जंगल में तेंदुए की मौत हो गई थी। सुरजननगर के पास सड़क पर अज्ञात वाहन से कुचल कर तेंदुए की मौत हो गई थी। खाई खेड़ा में करीब तीन वर्ष पूर्व परेशान ग्रामीणों ने तेंदुए को मार डाला था। लालापुर के पास जंगल में भी एक तेंदुए का शव मिला था। थाना डिलारी क्षेत्र में भी दो तेन्दुओं की मौत हो चुकी है। वन विभाग के अनुसार वर्ष 2020 में चार और 2022 में एक तेंदुए की मौत अब तक हुई है।
दो दर्जन गांवों में है तेंदुओं का है आतंक
क्षेत्र के दो दर्जन गांवों में तेंदुओं का आतंक है, लेकिन वन विभाग उनकी गतिविधियों को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है। कालेवाला, माधोवाला, खाई खेड़ा, मुडीया खेड़ा, मुनीमपुर, बालापुर, मीरपुर की मंडैया, पानुवाला, रमनावाला, दुल्हापुर, लालापुर पीपलसाना, बन्देवाली मंडैया और डिलारी क्षेत्र के गांवों में तेंदुओं का आतंक है। रोजाना कोई न कोई सूचना मिली रहती है। बालापुर के जंगल में तीन वर्ष पूर्व वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चलाया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
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