मुरादाबाद : फैज आलम ने कहा-यूक्रेन की पढ़ाई अच्छी, हम फिर जाएंगे

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मुरादाबाद, अमृत विचार। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई अच्छी है। भारत की तुलना में वहां कैंपस का माहौल उच्चकोटि का है, इसलिए हमें हालात का इंतजार है, वहां ठंड रहती है। लेकिन, मुझे कोई दिक्कत नहीं होती। वहां के परिवेश और मौसम से अभ्यस्त हो चुका हूं। नैनीताल से स्कूलिंग की है, जिस वजह से …

मुरादाबाद, अमृत विचार। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई अच्छी है। भारत की तुलना में वहां कैंपस का माहौल उच्चकोटि का है, इसलिए हमें हालात का इंतजार है, वहां ठंड रहती है। लेकिन, मुझे कोई दिक्कत नहीं होती। वहां के परिवेश और मौसम से अभ्यस्त हो चुका हूं।

नैनीताल से स्कूलिंग की है, जिस वजह से ठंड से कोई समस्या नहीं है। यह बात आठ दिनों तक हालातों से जूझकर घर पहुंचे नगला वनबीर निवासी फैज आलम ने कही। बातचीत में फैज ने वहां के हालात से घर पहुंचने की जंग से पर्दा उठाया। बोले, सरकार ने हमें मौत के मुंह से निकाला है। सच तो यह है कि कई देशों के छात्रों को वहां पूछा भी नहीं जा रहा है। देश के छात्रों को वापस लाने के लिए हम केंद्र और राज्य सरकार के प्रयास का आभार व्यक्त करते हैं। बोले, रोमानिया बॉर्डर पर हालात बहुत खराब है।

ठंड से नाइजीरियन छात्र के मरने के बाद मैं डर गया था। वहां तापमान माइनस चार डिग्री था। बॉर्डर पर गुजारे तीन दिनों की चर्चा से घबराते हुए फैज रोमानिया के लोगों के सहयोग और दरियादिली की तारीफ करते हैं। बकौल फैज-केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया पहुंचे तो वहां स्थानीय नेताओं से उनकी गरमा-गरम बहस हो गई। मगर उनकी वजह से ही हमें आसानी से जहाज की सुविधा मिली। फैज का कहना है कि आठ दिनों में हम सो नहीं पाए। वहां का मंजर मुझे अब भी झकझोर रहा है। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े फैज की उम्र 20 साल है।

पांच माह पहले पढ़ाई के लिए वहां गए। वहां की आबो-हवा, पढ़ाई का माहौल इस कदर भाया है कि फैज फिर यूक्रेन जाने को तैयार हैं। बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद हम सभी डर गए थे। लेकिन, यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचने में रूसी फौज ने भी हमें सहयोग दिया। हमारे तिरंगे का खूब सम्मान किया। यूक्रेन की पढ़ाई का कोई जवाब नहीं है, इसलिए एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद पीजी भी वहीं से करेंगे।

परिजनों ने मिठाई खिलाकर किया खुशी का इजहार
हीमपुर दीपा। यूक्रेन में पोल्टावा के अपार्टमेंट में फंसा एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र मोहम्मद जब्बार परेशानियां झेलकर घर वापस आ गये। बेटे के वापस आने के बाद घर वालों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। सब्दलपुर निवासी मोहम्मद जब्बार को बेटा यूक्रेन के खारकीव सिटी के पोल्टावा मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष का छात्र है। युद्ध छिड़ने से वह अपने साथियों के साथ पोल्टावा शहर के एक अपार्टमेंट में फंस गया। शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर उत्तर प्रदेश भवन से टैक्सी के जरिए वह अपने घर पहुंचा।

यूक्रेन से लौटा कैलाश, घर वालों ने किया स्वागत
गजरौला। शनिवार की सुबह सुल्तानपुर के कैलाश यूक्रेन से वापस लौट आये। वह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे। वहां पहुंचने पर उसका स्वागत किया गया। जहां इनके बड़े भाई लक्ष्मण सिंह, चौधरी विरेन्द्र सिंह, उत्तम सिंह प्रजापति और राजीव शुक्ला सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी अगवानी की। बताया कि कि जब वह यूक्रेन से चले तो 22-23किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ा। डर के बीच हिम्मत बांधे आगे बढ़ते रहे। मेरी अपील है कि सरकार अन्य छात्र- छात्राओं को जल्द-जल्द वापस लाये।

दो और छात्र लौटे अमरोहा, परिजनों में खुशी
अमरोहा। जिले के दो और छात्र यूक्रेन से लौटे हैं। 18 छात्र वहां से वापस लौट चुके हैं, लेकिन कई छात्र-छात्राएं अभी भी वहां फंसी हैं। शहर की आवास विकास कालोनी निवासी मारूफ हसन और मोहल्ला दानिशमंदान निवासी शिक्षक जमशेद कमाल के बेटे शाहल आलम विमान से शुक्रवार की रात दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे। घर आने के बाद वहां के मौजूदा हालात की चर्चा की। बताया कि वहां हर तरफ बमबारी और धमाके हो रहे हैं। लोग सायरन की आवाज सुनकर घरों में भाग जाते हैं। हम लोगों को छिपकर अपनी जान बचानी पड़ रही थी। बम धमाकों की आवाज से दिल धड़कनें बढ़ जाती थीं। इसके बाद रोमानिया में पहुंचकर कुछ राहत की सांस ली।

यूक्रेन से लौटे ठाकुरद्वारा के छात्र, परिजनों के चेहरे खिले
ठाकुरद्वारा। क्षेत्र के तीन और छात्र यूक्रेन से घर लौट आए, जिससे इनके परिजनों में खुशी है। परिजनों ने छात्रों को सकुशल पहुंचाने पर सरकार का आभार व्यक्त किया। कोतवाली के गांव रामूवाला गणेश निवासी प्रधानाचार्य खड़क सिंह के पुत्र आदित्य वत्सल, वार्ड 24 निवासी नदीम के बेटे शमीम अहमद भी घर वापस लौट आए। नगर के वार्ड एक निवासी मनीष सिंह घर आ गए। उधर, भाजपा के प्रतिनिधि मंडल ने यूक्रेन से लौटे छात्रों के सकुशल लौटने पर सरकार की भूमिका और वहां के हालातों को लेकर विस्तार पर चर्चा की।

ब्लॉक प्रमुख ने स्वदेश लौटने पर किया स्वागत
पाकबड़ा। यूक्रेन से घर वापस आए फैज आलम एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र हैं। फैज यूक्रेन के टर्नोपिल शहर स्थित विश्व विद्यायल से एमबीबीएस कर रहे हैं। क्षेत्र के नगला बनवीर निवासी फैज ने स्वदेश लौटने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया, जबकि सदर ब्लाक प्रमुख मनीष सिंह, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आदेश चौधरी, जिला मंत्री चकित चौधरी ने उन्हें फूल देकर स्वागत किया।

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