पीलीभीत: सीएमओ कार्यालय के ऑडिट में 27 लाख का घोटाला  

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। शासन से सीएमओ कार्यालय में राज्य वित्त बजट का ऑडिट करने पहुंची दो सदस्यीय टीम ने सैनेटरी पैड में 27 लाख रुपये की गड़बड़ी पकड़ी। इतना ही नहीं तमाम अन्य मदों में भी गड़बड़ी पाई गई। जिनके अभिलेख ऑडिट में प्रस्तुत नहीं किए जा सके। टीम निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट शासन …

पीलीभीत, अमृत विचार। शासन से सीएमओ कार्यालय में राज्य वित्त बजट का ऑडिट करने पहुंची दो सदस्यीय टीम ने सैनेटरी पैड में 27 लाख रुपये की गड़बड़ी पकड़ी। इतना ही नहीं तमाम अन्य मदों में भी गड़बड़ी पाई गई। जिनके अभिलेख ऑडिट में प्रस्तुत नहीं किए जा सके। टीम निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। ऑडिट में मिली वित्त अनियमितता के बाद विभाग में खलबली मच गई है। इतना ही नहीं तत्कालीन अफसरों की भी धड़कनें तेज हो गई है।

सीएमओ कार्यालय में कोरोना काल के दौरान बड़ी मात्रा में शासन ने बजट जारी किया गया था। ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी तरह की परेशानी न हो सके। वित्तीय वर्ष 2021 पूरे होने से पहले दो मार्च को स्वास्थ्य भवन के महानिदेशक कार्यालय से दो सदस्यीय टीम को ऑडिट करने के लिए पीलीभीत सीएमओ कार्यालय भेजा गया था। सीएमओ डॉ. आलोक कुमार के अवकाश पर होने के कारण टीम ने राज्य वित्त का लेखाजोखा रखने वाले लिपिक राजेश कुमार से अभिलेख मांगकर अपना ऑडिट शुरू कर दिया था। टीम के द्वारा सीएमओ कार्यालय में तीन दिन तक पड़ताल की गई।

जिसमें राज्य वित्त बजट के खर्च का ब्योरा तलब किया। जिसमें राज्य वित्त से 27 लाख रुपये के सैनेटरी पैड खरीदने का जिक्र किया गया। जब टीम ने मांग पत्र और उपभोक्ता पत्र मांगे तो लिपिक नहीं दिखा सके। नियम है कि बीएसए और डीआईओएस से कॉलेज में बालिकाओं के लिए सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए सीएमओ को डिमांड भेजी जाती है, जिसके बाद सीएमओ की ओर से राज्य वित्त बजट से इसका खरीदकर वितरण कराया जाता है। जिसका बिल वाउचर दिखाने पड़ते हैं, लेकिन ऑडिट में कोई भी प्रपत्र टीम को नहीं दिखाया गया। इस प्रकरण में तत्कालीन सीएमओ डॉ. सीमा अग्रवाल से भी बात की गई। लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे सकी। प्रपत्र न दिखाने पर ऑडिट टीम ने राज्य वित्त बजट में 27 लाख रुपये बजट का गोलमाल की आशंका व्यक्त की है।

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