पीएम मोदी का बड़ा फैसला, अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर लगेगी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर फीस

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक राहत की खबर आई है। दरअसल केंद्र सरकार ने मेडिकल छात्रों को राहत देने वाला फैसला किया है। बता दें अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर ही फीस लगेगी। इस बात का एलान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी …

मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए एक राहत की खबर आई है। दरअसल केंद्र सरकार ने मेडिकल छात्रों को राहत देने वाला फैसला किया है। बता दें अब प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की 50 फीसदी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बराबर ही फीस लगेगी। इस बात का एलान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है।

उन्होंने बताया हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर ही फीस लगेगी। दरअसल, कई दिनों से देश में मेडिकल की शिक्षा में लगने वाली फीस को कम करने की मांग चल रही थी। कुछ ही दिनों पहले ऐसा अंदाजा भी लगाया गया था, कि फीस में कटौती का कदम जल्द ही उठाया जा सकता है।

वहीं पीएम मोदी ने जनऔषधि दिवस पर अपने संबोधन के दौरान यह सूचना देते हुए कहा कुछ दिन पहले ही सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है जिसका बड़ा लाभ गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को मिलेगा। हमने तय किया है कि प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में आधी सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेज के बराबर ही फीस लगेगी।

साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सरकार हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को निरंतर मजबूत कर रही है। आजादी के इतने दशकों के बाद भी देश में केवल एक एम्स था, लेकिन आज देश में 22 एम्स है। सरकार का लक्ष्य देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज खोलने का है।

वहीं पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जन-औषधि केंद्र तन को औषधि देते हैं, मन की चिंता को कम करने वाली भी औषधि हैं और धन को बचाकर जन-जन को राहत देने वाले केंद्र भी हैं। दवा का पर्चा हाथ में आने के बाद लोगों के मन में जो आशंका होती थी कि पता नहीं कितना पैसा दवा खरीदने में खर्च होगा, वो चिंता अब कम हो गई है।

वहीं पीएम मोदी ने बताया कि आज देश में 8,500 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खुले हैं। इसी साल जन औषधि केंद्र के जरिए गरीब को, मध्यम वर्ग को करीब 5,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है। इस वित्तीय वर्ष में जन औषधि केंद्रों के जरिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की दवाएं बिकी हैं। अब तक करीब कुल 13,000 करोड़ रुपये की बचत लोगों को हुई है।

इसे भी पढ़ें-

UGC एजुकेशन सेक्टर में करने जा रहा है बड़े बदलाव, खुलेंगे बहु-विषयक संस्थान

संबंधित समाचार