लखनऊ में छात्रों का प्रदर्शन: गांधी प्रतिमा पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, सोनम वांगचुक के समर्थन में उठी आवाज
हजरतगंज में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का शांतिपूर्ण प्रदर्शन, शिक्षा व्यवस्था पर जवाबदेही तय करने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग।
लखनऊ: राजधानी के हजरतगंज स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा परिसर में सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और छात्र नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भी छात्रों ने अपनी आवाज बुलंद की।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होना जरूरी है। छात्रों का कहना था कि शिक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग
छात्रों ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उनका आरोप था कि सोनम वांगचुक के शांतिपूर्ण आंदोलन में हस्तक्षेप लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
छात्र नेताओं ने क्या कहा
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए छात्र नेता आदित्य पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए और लोकतांत्रिक आंदोलनों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
बड़ी संख्या में छात्र रहे मौजूद
प्रदर्शन में छात्र नेता रोहित यादव, आदित्य पाण्डेय, प्रसन्न शुक्ला, मिट्ठू, रवि नंदन यादव, अक्षत पाण्डेय, भावेश मिश्रा, अभिषेक यादव, ग्रेसी सिंह, रेणु यादव, अनन्या, पंखुड़ी समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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