खटीमा: अल्मोड़ा के टैक्सी एवं रेस्टोरेंट स्वामी की खटीमा में हत्या से सनसनी

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खटीमा, अमृत विचार। अल्मोड़ा के टैक्सी एवं रेस्टोरेंट स्वामी की खटीमा के चकरपुर स्थित टनकपुर हाइवे पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह वन विभाग के गश्ती दल को हाइवे से लगे जंगल में शव व पास ही टैक्सी मिली। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। टैक्सी को बनबसा तक …

खटीमा, अमृत विचार। अल्मोड़ा के टैक्सी एवं रेस्टोरेंट स्वामी की खटीमा के चकरपुर स्थित टनकपुर हाइवे पर धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह वन विभाग के गश्ती दल को हाइवे से लगे जंगल में शव व पास ही टैक्सी मिली। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। टैक्सी को बनबसा तक बुक कराने की बात सामने आ रही है। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है। सीओ ने बीएस भंडारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हत्या का मामला है।

पुलिस के अनुसार सोमवार सुबह करीब छह बजे वन कर्मी प्रवेश राणा के नेतृत्व में टीम टनकपुर हाइवे पर चकरपुर के जंगल के पास गश्त कर रही थी। इस बीच टीम को वनखंडी महादेव शिव मंदिर व वन रावत बस्ती के तिराहे के बीच सड़क पर एक इनोवा कार व कुछ दूरी पर जंगल की ओर एक शव पड़ा दिखा। इस पर टीम ने चकरपुर पुलिस चौकी पहुंचकर सूचना दी।

चौकी इंचार्ज एसआई संजय पिलख्वाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना पर सीओ भंडारी, एसएसआई देवेंद्र गौरव भी मौके पर पहुंच गए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस को कार (यूके 01 टीए 1423) से पर्स, दो मोबाइल व देवेंद्र सिंह बिष्ट (34) निवासी ग्राम कांचुली, धौलछीना (अल्मोड़ा) का आधार कार्ड मिला। मोबाइल फोन में मिले नंबर पर फोन कर मृतक के भाई नंदन सिंह बिष्ट को घटना की सूचना दी गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि देवेंद्र पांच मार्च को अल्मोड़ा से नैनीताल के लिए बुकिंग में आया था। इसके बाद छह मार्च को देवेंद्र की नोएडा में पढ़ रहे अपने भतीजे देवेंद्र से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उसने बताया था वह बुकिंग पर बनबसा जा रहा है। इसके बाद शव मिलने की ही सूचना मिली।

इधर, फारेंसिंक टीम भी मौके पर पहुंची और नमूने लिए। वहीं, घटना स्थल के पास चकरपुर स्थित वनखंडी महादेव शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन से मेला लगा है। घटना स्थल से कुछ दूरी पर दुकानें होने व देर शाम तक टैक्सी वाहन खड़ा नहीं होने से बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर किस समय हत्या को अंजाम दिया गया, इसको लेकर पुलिस की जांच जारी है। इधर, दोपहर बाद रुद्रपुर से देंवेंद्र के रिश्तेदार गोपाल सिंह और अल्मोड़ा से भी परिजन भी पहुंच गए थे।

पांच वर्ष से खुद की टैक्सी चला रहा था देवेंद्र
परिवार में दो मासूम बच्चे, तीन भाईयों में सबसे छोटा था
खटीमा। टैक्सी और रेस्टोरेंट स्वामी देवेंद्र सिंह बिष्ट पांच वर्ष से टैक्सी चला रहा था। उसका धौलछीना में कलोन के नीचे दीक्षांत नाम से रेस्टोरेंट है। परिवार में बड़ा भाई पदम सिंह, नंदन सिंह बिष्ट व उससे छोटा वह था। रिश्तेदार गोपाल सिंह ने बताया कि उसके बहनोई देवेंद्र के परिवार में पत्नी भावना, 10 वर्षीय पुत्र गिरजेश व सात वर्षीय दीक्षांत है। पांच मार्च को सुबह 11 बजे बुकिंग के लिए फोन आया था। उसका रेस्टोरेंट घर से करीब 6-7 किमी दूरी पर है। छह मार्च को आखिरी बार उसकी बात नोएडा में पढ़ाई कर रहे भतीजे देवेंद्र से हुई थी। इसमें देवेंद्र सिंह ने अपने भतीजे को बताया था कि वह बुकिंग में बनबसा जा रहा है।

जगह-जगह लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस टीमें
खटीमा। देवेंद्र सिंह बिष्ट के पास से हल्द्वानी में टायरों के एलायमेंट की पर्ची भी मिली है जबकि घटना स्थल पर हत्यारों से संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है। इधर, घटना स्थल पर दोनों पांवों के जूते अलग-अलग जगह मिलना बताया जा रहा है। सिर पर दाहिने तरफ धारदार हथियार से वार का निशान है। पुलिस टीमें अब हल्द्वानी से चकरपुर तक रास्ते में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में जुटी हैं ताकि पता चल सके कि टैक्सी में कितने लोग सवार थे। यह भी बताया जा रहा है कि शाम सात बजे तक कुछ दूरी पर दुकानें लगी थीं। साथ ही रात 8:30 बजे जगबुढ़ा के पास एक हादसा हुआ था तो पुलिस टीम वहां गई थी। तब भी घटना स्थल पर कोई कार नहीं नजर आई थी।

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