हल्द्वानी: उन बच्चों की माताओं का किया सम्मान जो अपने बच्चों को गलियों से कूड़ा उठाने नहीं बल्कि पढ़ने भेजती हैं

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। समाज के बीच रहते हुए उसी समाज से कटे शहर की ढ़ोलक बस्ती या कहें तो रेलवे बस्ती निवासी परिवारों की उन महिलाओं को आज सम्मानित किया गया जो अपने बच्चों को कूड़ा उठाने और भिक्षा लेने नहीं बल्कि पढ़ने के लिए स्कूल भेजती हैं। मौका था अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर वीरांगना …

हल्द्वानी, अमृत विचार। समाज के बीच रहते हुए उसी समाज से कटे शहर की ढ़ोलक बस्ती या कहें तो रेलवे बस्ती निवासी परिवारों की उन महिलाओं को आज सम्मानित किया गया जो अपने बच्चों को कूड़ा उठाने और भिक्षा लेने नहीं बल्कि पढ़ने के लिए स्कूल भेजती हैं।

मौका था अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर वीरांगना संस्था के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम का। जहां महिला पुलिस के अलावा कुछ अन्य समाजिक कार्य से जुड़ी महिलाएं शरीक हुईं जिन्होंने उन महिलाओं का उत्साहवर्धन किया जो अनपढ़ होने के बावजूद शिक्षा का महत्व समझती हैं और चाहती हैं कि उनकी आने वाली पीढ़ी शिक्षा के नए आयामों को छुएं और अपनी पहचान बनाएं।

दरअसल वीरांगना संस्था पिछले कई सालों से ऐसे ही बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य कर रही है जो समाज का अभिन्न अंग होते हुए भी शिक्षा जैसे मूलभूत अधिकार से वंचित रह जाते हैं। ये बच्चे कूड़ा बीनते या फिर भीख मांगते नजर आते थे मगर संस्था के प्रयासों के चलते आज इन बच्चों को स्कूल तो भेजा ही जा रहा है साथ ही इनके खाने-पीने और पालन- पोषण तक का ध्यान रखा जा रहा है। महिला दिवस पर संस्था की ओर से ऐसी माताओं की हौसलाअफजाई की गयी और उन्हें सम्मानित किया गया।

इस मौके पर एएसआई हल्द्वानी कोतवाली तनुजा हृयांकि ने कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ खुद की साफ-सफाई पर भी ध्यान रखने को कहा और मौके पर मौजूद महिलाओं को सैनेटरी नैपकिन भी बांटे गए। कार्यक्रम में मोनिका गिरी गोस्वामी, दया बिष्ट, सुआलेहा खातून, पूनम बिनवाल,शिखा अग्रवाल, माधवी बिष्ट सहित अन्य अध्यापिकाएं और लोग मौजूद रहे।

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