रामनगर: 17 को होलिका दहन और 19 मार्च को होगी छलड़ी, ज्योतिषाचार्यों ने बताई वजह

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रामनगर, अमृत विचार। होली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुमाऊंनी पंडितों ने स्पष्ट किया है कि भद्राकाल लगने की वजह से इस बार होली 19 मार्च को खेली जाएगी। हालांकि होलिका दहन 17 मार्च को होगा। रामनगर के ज्योतिषाचार्य व तारा प्रसाद दिव्य पंचांग के संस्थापक डॉ .रमेश चन्द्र जोशी …

रामनगर, अमृत विचार। होली की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कुमाऊंनी पंडितों ने स्पष्ट किया है कि भद्राकाल लगने की वजह से इस बार होली 19 मार्च को खेली जाएगी। हालांकि होलिका दहन 17 मार्च को होगा।

रामनगर के ज्योतिषाचार्य व तारा प्रसाद दिव्य पंचांग के संस्थापक डॉ .रमेश चन्द्र जोशी ने बताया कि शुक्ल पक्ष अष्टमी से होलाष्टक प्रारम्भ हो जाता है। होलाष्टक प्रारम्भ होने पर होली तक विवाह, उपनयन, गृहप्रवेश, गृहारम्भ आदि सभी शुभ कार्य वर्जित माने गये हैं। 14 मार्च को सम्पूर्ण एकादशी तिथि भद्रा से व्याप्त होने के कारण रंगधारण चीरबन्धन व ध्वजारोपण 13 मार्च 2022 को प्रातः 10:22 बजे(दशमी तिथि की समाप्ति)के बाद होगा। यद्यपि 13 मार्च को 10:22 बजे से सूर्यास्त तक का सम्पूर्ण समय रंगधारण व चीरबन्धन के लिए शुभ है लेकिन इसमें भी मध्यान्ह 12:03 से 12:51 बजे तक का समय अभिजित मुहूर्त अति उत्तम है।

डॉ. रमेश जोशी ने बताया कि आंवला एकादशी व्रत व आंवला पूजन 14 मार्च को है। इसी दिन मीन संक्रांति (फूलदेई) का पर्व भी है। 17 मार्च को सायंकाल (प्रदोषकाल) से अर्द्धरात्रि तक का समय भद्रा दोष से युक्त होने के कारण, धर्म शास्त्रीय नियमानुसार 17 मार्च को भद्रा पुच्छ काल में रात्रि 9:04 बजे से 10:14 बजे के मध्य होलिकादहन किया जाना शुभ है।

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