रायबरेली: जिले के अधिकांश बूथों से कांग्रेस गायब, चुनाव में फीका पड़ा प्रदर्शन
रायबरेली। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का बूथ स्तर तक संगठन है, किंतु उसके बूथ पदाधिकारियों ने भी इस चुनाव में कांग्रेस से मुंह मोड़ लिया था । इसलिए कई बूथों पर कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है । सरेनी विधान सभा के डलमऊ में जुड़े 10 बूथों पर सपा ने बढ़त …
रायबरेली। सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस का बूथ स्तर तक संगठन है, किंतु उसके बूथ पदाधिकारियों ने भी इस चुनाव में कांग्रेस से मुंह मोड़ लिया था । इसलिए कई बूथों पर कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला है ।
सरेनी विधान सभा के डलमऊ में जुड़े 10 बूथों पर सपा ने बढ़त हासिल की है। जबकि पिछले चुनाव में यहां भाजपा को बढ़त मिली थी। जिसमें गजपति खेड़ा के एक बूथ पर 294 मतदाता हैं, लेकिन इस बूथ पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का खाता ही नहीं खुला। यहां के दो बूथ पर महज 79 मत, कुशल खेड़ा के एक बूथ पर 18 मत, बहूपुर के एक बूथ पर 35 मत, दफापुर के एक बूथ पर 8 मत, कंजास के एक बूथ पर 25 मत, पलिया विरसिंह के दो बूथों पर 94 मत, लालूमऊ के एक बूथ पर 10 मत, यूसुफ पुर के एक बूथ पर 18 मत मिले। जब सरेनी विधानसभा क्षेत्र के रासीगांव , रहीम खेड़ा गांव , राम गांव , भवानीपुर गांव , दफा पुर गांव , भाई गांव में कांग्रेस शून्य पर रही है।
