लखनऊ: होटलों पर खुलेआम जल रहे घरेलू गैस सिलेंडर, जनता के हक पर डाल रहे डाका
लखनऊ। होली का त्योहार नजदीक आते ही गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गयी है। आम जनता को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर आम जनता के हक का घरेलू गैस सिलेंडर होटलों और रेस्टोरेंट में जल रहा है। होटल और रेस्टारेंट संचालक इसका इस्तेमाल मिठाइयां और नमकीन बनाने में …
लखनऊ। होली का त्योहार नजदीक आते ही गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गयी है। आम जनता को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। दूसरी ओर आम जनता के हक का घरेलू गैस सिलेंडर होटलों और रेस्टोरेंट में जल रहा है। होटल और रेस्टारेंट संचालक इसका इस्तेमाल मिठाइयां और नमकीन बनाने में कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आम जनता को गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
त्योहार पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी हो रही है। मांग बढ़ने के साथ गैस एजेंसियों में वेटिंग बढ़ गयी है। उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने के बाद एक सप्ताह का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर होटलों और रेस्टोरेंट में लगातार आपूर्ति जारी है।
गैस एजेंसियों के हॉकर घरेलू गैस सिलेंडर के साथ होटलों और मिठाई की दुकानों के बाहर खड़े रहते हैं। होटलों, रेस्टोरेंट और मिठाई की दुकानों पर कॉमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। गैस एजेंसियों के साथ व्यापारी मुनाफे के लालच में कॉमर्शियल की जगह घरेलू गैस सिलेंडर का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं।
पांच किलो गैस के चुकाने पड़ते हैं 856 रुपये ज्यादा
होटलों और मिठाइयों की दुकानों पर घरेलू गैस सिलेंडर के ज्यादा इस्तेमाल का मुख्य कारण रेट में अंतर है। 19 किलो कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 1793 रुपये और 14.2 किलो घरेलू गैस सिलेंडर 937 रुपये का है। घरेलू के मुकाबले कॉमर्शियल सिलेंडर में पांच किलो अधिक गैस पर मिठाई दुकानदारों को 856 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ते हैं।
दो किलो तक होती है गैस की कटौती
मांग बढ़ते ही गैस एजेंसियों से जुड़े हॉकर 14.2 किलो के घरेलू गैस सिलेंडर से दो किलो तक गैस की कटौती कर लेते हैं। आम उपभोक्ता को यह पता भी नहीं चलता है। होम डिलीवरी के दौरान हॉकर सिलेंडर से पांच किलो के गैस सिलेंडर में अवैध रिफिलिंग कर मुनाफा कमाते हैं। इसलिए गैस सिलेंडर लेते समय तौल जरूर करवाएं।
दुकानों पर चलता है अवैध रिफिलिंग का धंधा
चूल्हे की दुकानों चूल्हा रिपेयरिंग की आड़ में अवैध रिफिलिंग का धंधा चलता है। राजधानी में आकर पढ़ाई कर रहे छात्र छात्राओं के अलावा नौकरी कर रहे लोग पांच किलो के गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। चूल्हे की दुकानों पर सिलेंडर रिफिल कराने जाना पड़ता है। दुकानदार घरेलू गैस सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरकर 100 रुपये प्रतिकिलो तक दाम वसूलते हैं।
कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति
त्योहार के समय गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के विरूद्ध आपूर्ति विभाग कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करता है। इस बार भी आपूर्ति विभाग ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए टीमें तो बना दी हैं लेकिन कार्रवाई शुरू होना मुश्किल है। सोमवार से अभियान शुरू होना था लेकिन विभाग के अधिकारियों की परीक्षा में ड्यूटी लग गयी है। एडीएम आपूर्ति साहब लाल ने बताया कि सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने और अभियान के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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