मुरादाबाद : तापमान पहुंचा 37 डिग्री, गर्मी में प्यास लगी तो नहीं मिलेगा पानी
मुरादाबाद, अमृत विचार। गर्मी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। दिन निकलने के साथ ही पड़ने वाली भीषण गर्मी के कारण मार्च माह में ही तापमान उछलकर 39 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में अगर आप घर से निकल रहे हैं तो पीने का पानी साथ लेकर चलें। कहीं ऐसा न हो …
मुरादाबाद, अमृत विचार। गर्मी ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। दिन निकलने के साथ ही पड़ने वाली भीषण गर्मी के कारण मार्च माह में ही तापमान उछलकर 39 डिग्री तक पहुंच रहा है। ऐसे में अगर आप घर से निकल रहे हैं तो पीने का पानी साथ लेकर चलें। कहीं ऐसा न हो कि इस गर्मी में आपको प्यास बुझाने के लिए अपनी जेब ढ़ीली करनी पड़ जाए। जिसकी वजह है कि गर्मी में महानगर में पीने के पानी के लिए भटकना पड़ेगा। यह हकीकत है करीब दस लाख की आबादी वाले महानगर की। जहां पर जलकल विभाग द्वारा 42 प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं। कागजों में दु्रुस्त चल रहे तमाम प्याऊ हकीकत में लंबे समय से खराब पड़े हैं।
70 वार्ड वाले इस महानगर में पानी की सप्लाई का मुख्य जिम्मा जलकल विभाग के हैं। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए हर साल करोड़ों रुपये का बजट भी आवंटित होता है। विभागीय कागजों में पानी की सप्लाई के लिए 68 ओवरहेड टैंक और करीब 108 नलकूप हैं। गर्मी शुरू होने के साथ ही पानी की मांग भी बढ़ जाती है। अमूमन माना जाता है कि गर्मी में एक व्यक्ति को दिन भर सौ लीटर पानी की आवश्यकता होती है। इसके हिसाब से महानगर में रोजाना 10 करोड़ लीटर पानी की खपत होती है। अब बात करें प्याऊ की तो विभाग द्वारा महानगर में करीब 42 प्याऊ संचालित हो रहे हैं। सांसद-विधायक निधि समेत अगर प्राइवेट प्याऊ भी जोड़ दिए जाएं, यह संख्या बढ़कर 150 से अधिक हो जाती है।
अमृत विचार की टीम ने परखी जमीनी हकीकत
गर्मी का प्रकोप शुरू होने के बाद भी जलकल अधिकारी प्याऊ की सुध नहीं ले रहे हैं। हालांकि उनका दावा है कि गर्मी शुरू होने से पहले ही सभी प्याऊ की मरम्मत करा दी गई है। उनके इस दावे को जब अमृत विचार की टीम ने परखा तो हकीकत कुछ और ही देखने को मिली। करीब आठ प्याऊ चेक करने पर तीन पूरी तरह से खराब मिले। यह ऐसे स्थानों पर थे, जहां हर वक्त लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
कंपनी बाग
कंपनी बाग, महानगर का पाश इलाका है, यहां पर हर वक्त लोगों की भीड़ लगी रहती है। बराबर में स्थित गांधी पार्क में सुबह-शाम महिलाओं व बच्चों का जमावड़ा लगा रहता है। कहने को यहां पर प्याऊ है लेकिन लंबे समय से खराब पड़ा है। आलम यह है कि टोटी भी टूटी पड़ी है।
जिला अस्पताल
जिला अस्पताल में तो 24 घंटे तीमारदारों का आना-जाना बना रहता है। अस्पताल परिसर के अंदर पानी की सप्लाई के लिए टंकी भी है। लेकिन यहां का प्याऊ भी लंबे समय से खराब है। जिस कारण तीमारदारों को प्यास बुझाने के लिए या तो दूर जाना पड़ता है या फिर पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है।
अंबेडकर पार्क
सिविल लाइंस स्थित अंबेडकर पार्क में भी हर वक्त भीड़ रहती है। पीलीकोठी और कचहरी की ओर जाने वाला रास्ता भी इधर से होकर गुजरता है। यहां का प्याऊ लंबे समय से खराब है। मरम्मत के दावों का आलम यह है कि इस प्याऊ की टोटियां तक गंदी पड़ी हैं।
गर्मी शुरू होने से पहले सभी प्याऊ की मरम्मत करा दी गई है। अगर कहीं खराब हैं तो टीम को भेजकर उनको इसी सप्ताह सही करा दिया जाएगा। – अशोक कुमार, जेई, जलकल विभाग
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