देहरादून: रितु खंडूरी बनी पहली महिला स्पीकर
देहरादून, अमृत विचार। उत्तराखंड में इस बार विधानसभा चुनाव में कोटद्वार के दिग्गज कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह नेगी को हराकर विधायक बनी रितु खंडूरी ने कई मिथक तो तोड़े ही हैं वहीं भाजपा ने उन्हें महिला स्पीकर बना कर एक बड़ा इतिहास भी रचा है। इससे पहले उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है। …
देहरादून, अमृत विचार। उत्तराखंड में इस बार विधानसभा चुनाव में कोटद्वार के दिग्गज कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह नेगी को हराकर विधायक बनी रितु खंडूरी ने कई मिथक तो तोड़े ही हैं वहीं भाजपा ने उन्हें महिला स्पीकर बना कर एक बड़ा इतिहास भी रचा है। इससे पहले उत्तराखंड के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है।
कोटद्वार सीट से चुनाव जीतकर उन्होंने अपने पिता की हार का बदला लिया है। आपको बता दें कि रितु खंडूरी भूषण ने कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह नेगी के खिलाफ 3687 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। रितु दूसरी बार मैदान में उतरीं थीं। 2022 के विधानसभा चुनाव में रितु खंडूरी को बीजेपी ने आखिरी समय पर यमकेश्वर से हटाकर कोटद्वार सीट से प्रत्याशी बनाया गया था।
रितु का जन्म नैनीताल में 29 जनवरी 1965 को एक फौजी परिवार में हुआ। मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के राधाबल्लभ पुरम गांव निवासी उनके पिता मेजर जनरल (रिटा.) भुवन चंद्र खंडूरी तब एक फौजी ऑफिसर थे। रिटायरमेंट के बाद उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा और जीतकर वाजपेयी सरकार में मंत्री भी बने।
खंडूरी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी बने और प्रदेश की राजनीति में एक चर्चित नाम रहें। रितु की शुरुआती शिक्षा अपने पिता की फौजी पोस्टिंग के साथ कई स्थानों पर हुई। उन्होंने मेरठ के रघुनाथ गर्ल्स कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। उसके उपरांत उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया और दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा लिया और 2006 से 2017 तक उन्होंने नोएडा स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में फैकल्टी के रूप में भी कार्य किया है।
