सीतापुर: दबंगों के कब्जे से अपनी ही जमीन नहीं छुड़वा पा रही पुलिस, हिम्मत इतनी कि बो रहे फसल

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सीतापुर। बात हैरत की है, लेकिन सौ फीसदी सच है। क्या कोई इस बात पर यकीन कर सकता है कि पुलिस थाने की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया, लेकिन यह बात पक्की है। जिले के सकरन थाने की 11 बीघा जमीन पर दबंगों ने न सिर्फ कब्जा किया है, बल्कि उस पर अनाज …

सीतापुर। बात हैरत की है, लेकिन सौ फीसदी सच है। क्या कोई इस बात पर यकीन कर सकता है कि पुलिस थाने की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया, लेकिन यह बात पक्की है। जिले के सकरन थाने की 11 बीघा जमीन पर दबंगों ने न सिर्फ कब्जा किया है, बल्कि उस पर अनाज पैदा कर मौजूद उड़ा रहे हैं।

कुछ साल पूर्व मामला जानकारी में आने पर तत्काली पुलिस टीम ने जमीन खाली करा ली थी। काफी समय तक यह जमीन पुलिस के कब्जे में रही, लेकिन इस दौरान फिर यह मामला प्रकाश में आया कि उस जमीन पर दबंगों का कब्जा है। दबंगों ने हाल ही में सरसों की फसल काट ली है और अब दूसरे फसलें बोने की तैयारी है।

हालांकि इस बाबत बात करने पर एसओ ने कार्रवाई करने की बात कही है। सीओ ने भी मामले में जांच शुरू कराने की बात कही है। दरअसल सकरन थाने की करीब 11 बीघा सरकारी जमीन किवानी नदी के किनारे स्थित है। जमीन पर तीस वर्षों से बेलवा गांव निवासी कुछ दबंगों का कब्जा था।

करीब चार साल पूर्व सकरन थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक नोवेन्द्र सिंह सिरोही ने जमीन की राजस्व विभाग से पैमाइस कराकर उसे दबंगों से मुक्त कराया था। उसके बाद जमीन के चारों ओर पक्के पिलर बनवाकर उसमें तार लगवाकर तीन साल तक पुलिस की देखरेख में उसमें गेहूं, धान, सरसों की खेती होती रही थी।

खेत में पैदा होने वाले आनाज से थाने की मेस में भोजन बनता था। जिससे सारे पुलिस कर्मी नि:शुल्क भोजन करते थे। नोवेन्द्र सिंह सिरोही के ट्रांसफर हो जाने के बाद सकरन थाने पर आये प्रभारी निरीक्षक राजकुमार, अनिल कुमार के कार्यकाल में भी वह जमीन पुलिस के कब्जे में रही। उसके बाद सकरन में पुष्पराज कुशवाहा की तैनाती के दौरान दबंगों ने पुन: थाने की उक्त जमीन पर कब्जा कर धान की बुआई कर दी थी। धान की फसल कटने के बाद उसमें सरसों की बुआई की गयी थी।

सरसों की बुआई के बाद से उक्त खेत पर अब भी दबंगों का कब्जा बरकरार है, जबकि थाने की जमीन पर दबंगों द्वारा किये गये कब्जे की जानकारी सकरन थाने के एसओ व सीओ तक को है। उसके बाद भी पुलिस दबंगों के कब्जे से अपनी खुद की जमीन नही छुड़वा पा रही है। ऐसे में आम जनता पुलिस से न्याय की उम्मीद कैसे कर पायेगी। मामले को लेकर जब एसओ मनीष सिंह से बात की गयी तो उन्होने कहा कि जो लोग जमीन पर कब्जा किये थे, उनको खेत छोडने के लिये कह दिया गया है। अगर दोबारा कब्जा किया गया, तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।

तहसील से जानकारी करा रहा हूं: सीओ

थाने की जमीन पर दबंगों के कब्जे को लेकर सीओ बिसवां अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि दो दिन पूर्व ही यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। एसओ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। पता चला है। तहसील से रिकार्ड दिखवा रहे हैं। रिकार्ड निकलवाने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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