हरदोई की सियासत के ‘नरेश’ हैं नरेश अग्रवाल, स्थानीय प्राधिकरण के चुनाव से सपा को किया बाहर
हरदोई। सूबे की सियासत का सफर पूरब से शुरू हो कर पश्चिम की तरफ पहुंचता है। पूरब में जहां सूबे की राजधानी लखनऊ है,तो वहीं पश्चिम में हरदोई। दर-असल पश्चिम की सियासत हरदोई के नाम से जानी और पहचानी जाती है। सरकार चाहें कांग्रेस की रही हो या फिर बसपा,सपा या अब भाजपा का दौर। …
हरदोई। सूबे की सियासत का सफर पूरब से शुरू हो कर पश्चिम की तरफ पहुंचता है। पूरब में जहां सूबे की राजधानी लखनऊ है,तो वहीं पश्चिम में हरदोई। दर-असल पश्चिम की सियासत हरदोई के नाम से जानी और पहचानी जाती है। सरकार चाहें कांग्रेस की रही हो या फिर बसपा,सपा या अब भाजपा का दौर।
सियासत के दौर में हरदोई का शामिल न हो,ऐसा नामुमकिन है। सियासी पण्डित मान चुके हैं कि नामुमकिन को मुमकिन करने का दूसरा नाम नरेश अग्रवाल है। इसकी एक और नज़ीर स्थानीय प्राधिकरण के चुनाव में देखने को मिली। चुनाव में पूरे दम-खम के साथ मैदान में कूद चुकी सपा ने मैदान के पाले से पहले ही अपने पांव खींच लिए। कुछ भी हो,सपा के इस फैसले के पीछे भी पश्चिम की सियासी ताकत का असर माना जा रहा है।
हरदोई की सियासत के ‘नरेश’नरेश अग्रवाल का नाम आते ही सियासी धुरंधरों की धड़कनें तेज़ हो जाती है। विधानसभा चुनाव में जीत से गदगद हुई भाजपा ने स्थानीय प्राधिकरण चुनाव में भी बाज़ी अपने नाम करने का ताना-बाना बुन रखा है।
इस चुनाव में भाजपा ने अशोक अग्रवाल और सपा ने रज़ीउद्दीन को मैदान में उतारा था। जिस तरह विधानसभा चुनाव में भाजपा हाईकमान ने नरेश अग्रवाल पर भरोसा किया और श्री अग्रवाल उस पर खरे भी उतरे ,उसी तरह पार्टी ने स्थानीय प्राधिकरण चुनाव में भी श्री अग्रवाल को ज़िम्मेदारी सौंपी थी।
पर्चा दाखिल होने के बाद से ही चुनाव परवान चढ़ने लगा। लेकिन इसी बीच नाम वापसी वाले दिन सपा के रज़ीउद्दीन ने अपना नाम वापस ले कर हर एक को भौंचक्का कर दिया। बताते चलें कि नरेश अग्रवाल ने ही अपने खास लोगों में गिने जाने वालों में शामिल रज़ीउद्दीन के पिता मिस्बाहउद्दीन को एमएलसी बनवाया था।
अब जब रज़ीउद्दीन ने चुनाव के मैदान से अपने पांव बाहर खींच लिए है, इसे नरेश अग्रवाल की सियासी ताकत का तुरुप माना जा रहा है। सपा के रज़ीउद्दीन के इस फैसले से जहां सपा को ज़ोर का झटका धीरे से लगा है, वही भाजपा खेमे में अशोक अग्रवाल की जीत पक्की हो जाने से वहां जश्न मनाया जा रहा है।
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