नैनीताल: मनोरा गांव से लगे जंगल में दो दर्जन पेड़ों पर चली आरी, विभागीय अधिकारी मौन
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल वन प्रभाग की मनोरा रेंज के मनोरा गांव से लगे जंगल में बीते दिनों दो दर्जन से अधिक पेड़ काटे गए हैं। कुछ पेड़ों की शाखाएं भी काटी गई हैं। काटे गए ज्यादातर पेड़ देवदार व सुरई के हैं। देवदार संरक्षित प्रजाति के पेड़ों की सूची में शामिल है। वन विभाग …
नैनीताल, अमृत विचार। नैनीताल वन प्रभाग की मनोरा रेंज के मनोरा गांव से लगे जंगल में बीते दिनों दो दर्जन से अधिक पेड़ काटे गए हैं। कुछ पेड़ों की शाखाएं भी काटी गई हैं। काटे गए ज्यादातर पेड़ देवदार व सुरई के हैं। देवदार संरक्षित प्रजाति के पेड़ों की सूची में शामिल है। वन विभाग के अधिकारी इस मामले में अभी खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यहां नैनीताल-हल्द्वानी मार्ग से लगे मनोरा गांव से मायापुरी होते हुए ऐरीज को पैदल मार्ग है। आम तौर पर दूध व सब्जी का कारोबार करने वाले समीपवर्ती गोरियलधार, नैना गांव आदि के ग्रामीण भी इस मार्ग का प्रयोग करते हैं। जानकारी के मुताबिक इस मार्ग पर लगभग दो दर्जन पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। कई बड़े पेड़ की शाखाओं पर भी आरी चलाई गई है। इस तरह अनधिकृत रूप से पेड़ों के कटान से ग्रामीणों में रोष है। स्थानीय ग्रामीणों की ओर से काटे गए पेड़ों के फोटो भी खींचकर वन प्रभाग एवं रेंज के अधिकारियों को भेजे गए। पर मामले में कार्रवाई करने के बजाए वन विभाग के अधिकारी इस पूरे प्रकरण को दबाने की कोशिशों में जुटते नजर आ रहे हैं। डीएफओ टीआर बीजू लाल ने कहा कि पेड़ों के कटान के बारे में उन्हें जानकारी मिली है। शुक्रवार को निरीक्षण के बाद आवश्यक जानकारी दी जा सकेगी। अधीनस्थ कर्मियों से बातचीत में जानकारी मिली है कि होली के दौरान कुछ लोगों द्वारा बर्फबारी के दौरान पूर्व में टूटे हुए पेड़ों पर आरी चलाई गई थी, लेकिन वन विभाग कर्मियों ने उनकी आरी आदि जब्त कर ली।
