लखनऊ : नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना साथी समेत गिरफ्तार
लखनऊ। पिछले 15 वर्षों से एक जॉब फ्रॉड नेटवर्क चलाकर सैकड़ों युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह सरगना को उसके एक साथी के साथ यूपी एटीएस ने लखनऊ के हजरतगंज थानांतर्गत वैकुंठधाम से केडी सिंह स्टेडियम जाने वाली रोड पर शुक्रवार रात गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य …
लखनऊ। पिछले 15 वर्षों से एक जॉब फ्रॉड नेटवर्क चलाकर सैकड़ों युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले गिरोह सरगना को उसके एक साथी के साथ यूपी एटीएस ने लखनऊ के हजरतगंज थानांतर्गत वैकुंठधाम से केडी सिंह स्टेडियम जाने वाली रोड पर शुक्रवार रात गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान मूलरूप से अम्बेडकरनगर निवासी दुर्गाशरण मिश्र व उसके साथी की पहचान जानकीपुरम थानांतर्गत सरस्वतीपुरम निवासी डॉ. राजेश के रूप में हुई है।
दुर्गाशंकर पिछले काफी समय से सीतापुर के बेलझरिया गांव में छिप कर रह रहा था। एसटीएफ ने मौके पर दोनों के पास से भारतीय खाद्य निगम की वर्ष 2020 की परीक्षा का फर्जी रिजल्ट, चार ऑफर लेटर, दो लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन का फर्जी नियुक्ति पत्र, एफसीआई मजदूर यूनियन की रसीदबुक, एसबीआई की जमापर्ची आदि बरामद किया है।
2007 से संचालित था गिरोह
दुर्गाशरण ने बताया कि वह वर्ष 2007 से डॉ राजेश के साथ मिलकर विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी कर रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2009 से अबतक लखनऊ, आजमगढ़ व फैजाबाद में कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 4 वर्ष की सजा भी काट चुका है। जेल से निकलने के बाद फिर से इसी काम में लग गया। वहीं डॉ राजेश ने बताया कि वह रायबरेली के मेजरगंज स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में नियुक्त है। डॉक्टर होने के कारण जनमानस के बीच उसकी छवि अच्छी है, जिससे लोग विश्वास के साथ आसानी से पैसे दे देते थे।
युवाओं को ठग फिल्मों से बना चुका सात फिल्में
दुर्गाशरण ने बताया कि वह अबतक करीब 500 युवाओं से प्रति व्यक्ति तीन से पांच लाख रुपए के हिसाब से करोड़ों रुपए की ठगी कर चुका है। युवाओं से ठगे हुए इन रुपयों से उसने फिल्म निर्माण का काम शुरू किया। वह अबतक इन पैसों से सात फिल्में और कई म्यूजिक अल्बम बना चुका है।
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