हल्द्वानी: पिता ने मोबाइल छीना तो बेटी ने जहर खाकर जान दी

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हल्द्वानी, अमृत विचार। पिता की डांट से नाराज इंटर की छात्रा ने बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले जहर खाकर जान दे दी। गंभीर अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन जान नहीं बच सकी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। प्रेमपुर नवाड़ …

हल्द्वानी, अमृत विचार। पिता की डांट से नाराज इंटर की छात्रा ने बोर्ड परीक्षा से ठीक पहले जहर खाकर जान दे दी। गंभीर अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन जान नहीं बच सकी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

प्रेमपुर नवाड़ लामाचौड़ मुखानी निवासी अफसाना (18) पुत्री मो.सफी 12वीं की छात्रा थी और तीन भाइयों में सबसे छोटी थी। 28 मार्च से दूसरी पाली में अफसाना के बोर्ड पेपर थे। बताया जाता है कि बीती 26 मार्च की रात अफसाना मोबाइल पर वीडियो देख रही थी। इसी दरम्यान पिता सफी वहां पहुंच गए। बेटी को पढ़ाई छोड़ मोबाइल पर लगा देख वह नाराज हो गए और इसको लेकर उन्होंने अफसाना को फटकार लगा दी।

इतना ही नहीं उन्होंने अफसाना का मोबाइल भी ले लिया। जिससे अफसाना नाराज हो गई। डांट लगाकर पिता तो वहां से चले गए, लेकिन उसके ठीक बाद अफसाना ने घर में रखा जहरीला पदार्थ गटक लिया। उसकी हालत बिगड़ी तो घरवालों को जानकारी हुई और आनन-फानन में उसे नजदीक के अस्पताल लेकर पहुंचे।

हालत नाजुक होने पर उसे सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां बीते रविवार की रात उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मेडिकल चौकी प्रभारी अनिल आर्या ने बताया पढ़ाई के लिए पिता की डांट से नाराज अफसाना ने नुवान गटक लिया था। जिसके चलते उसकी मौत हो गई।

पोस्टमार्टम न कराने की जिद्द पर अड़े रहे परिजन
हल्द्वानी। अफसाना की मौत के बाद पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस बात की जानकारी जब परिवार की महिलाओं को हुई तो वह इसका विरोध करने लगीं। जिसके बाद परिवार के पुरुष भी पोस्टमार्टम रुकवाने की जद्दोजहद में लग गए। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया और कहाकि पोस्टमार्टम रुकवाने का अधिकार जिलाधिकारी के पास है और इसमें कुछ नहीं कर सकते। जिसके चलते पोस्टमार्टम में देरी हुई।

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