उत्तराखंड विधानसभा का पहला सत्र शुरू, राज्यपाल ने पढ़ा अभिभाषण

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देहरादून, अमृत विचार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के अभिभाषण से उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र का आगाज हो गया। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के विकास कार्यों के ब्योरे के साथ ही भविष्य के लिए प्रस्तावित योजनाओं की तस्वीर दिखाई दी। वित्तीय वर्ष समाप्त होने के सिर्फ तीन दिन शेष हैं। …

देहरादून, अमृत विचार। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह के अभिभाषण से उत्तराखंड की पांचवीं विधानसभा के पहले सत्र का आगाज हो गया। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के विकास कार्यों के ब्योरे के साथ ही भविष्य के लिए प्रस्तावित योजनाओं की तस्वीर दिखाई दी।

वित्तीय वर्ष समाप्त होने के सिर्फ तीन दिन शेष हैं। जानकारों के मुताबिक, परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण और स्पीकर के पाठ के बाद सदन स्थगित होता है और फिर अगले दिन लेखानुदान या बजट सदन पटल पर आता है। लेकिन सरकार 31 मार्च से पहले लेखानुदान को पारित कराना चाहती है। इसलिए मंगलवार को ही मुख्यमंत्री लेखानुदान विधेयक सदन पटल पर रखेंगे।

राज्य में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य तीन सबसे ज्वलंत मुद्दे हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर धामी सरकार करीब 21 हजार करोड़ रुपये का लेखानुदान लेकर आ रही है। मुख्यमंत्री धामी से यह उम्मीद की जा रही है कि उनके बजट में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर के लिए क्या-क्या घोषणाएं और प्रावधान होंगे। विशेष तौर पर राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अवस्थापना विकास प्रमुख मुद्दे हैं, जिनके अभाव में पलायन की समस्या गंभीर रूप ले रही है। धामी सरकार बाद में अपना पूरा बजट लेकर आएगी, लेकिन लेखानुदान में उसकी प्राथमिकताओं की झलक स्पष्ट दिखेगी। साथ ही पंजाब और दिल्ली की आप सरकार के फैसलों की कसौटी पर धामी सरकार के लेखानुदान को परखा जाएगा।

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