हल्द्वानी: बाघ के आदमखोर घोषित होने तक नहीं उठाया शव, दो घंटे तक हुआ हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। दमुवाढूंगा में तीन माह में बाघ के हमले में छह लोगों की मौत से शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गुरुवार को बाघ का शिकार बनी इंदिरा देवी का शव घर के बाहर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए लोग बाघ को आदमखोर घोषित करने की मांग पर अड़ गए। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। दमुवाढूंगा में तीन माह में बाघ के हमले में छह लोगों की मौत से शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गुरुवार को बाघ का शिकार बनी इंदिरा देवी का शव घर के बाहर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गुस्साए लोग बाघ को आदमखोर घोषित करने की मांग पर अड़ गए। दो घंटे तक चले हंगामे के बाद जब बाघ को आदमखोर घोषित किया गया तब परिजनों ने शव उठने दिया।

शुक्रवार को इंदिरा देवी का शव पोस्टमार्टम के बाद कुमाऊं कॉलोनी स्थित आवास पहुंचा। शव के पहुंचते ही कॉलोनी वासी और आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। परिजन और ग्रामीण इस बात पर अड़ गए कि जब तक वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक शव अंतिम संस्कार के लिए नहीं उठाया जाएगा। ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर एसडीएम मनीष सिंह, रामनगर वन डिवीजन के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी और फतेहपुर रेंजर केआर आर्य मौके पर पहुंच गए।

गुस्साए ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को घेराव किया और बाघ को मारने की मांग करने लगे। उन्होंने कहा कि बाघ अब तक चार महिलाओं और दो पुरुषों की जान ले चुका है और वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। बाघ को मारने और जनता को बचाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किये गये हैं। वन अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने और अपनी जिद पर अड़े रहे। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक बाघ को आदमखोर घोषित नहीं किया जाता, तब तक शव नहीं उठने देंगे।

साथ ही चेतावनी दी कि यदि नरभक्षी बाघ के हमले में किसी अन्य के मारे जाने की घटना हुई तो कानून व्यवस्था बिगड़ेगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग को होगी। मामला बिगड़ता देख डीएफओ जोशी ने आला अधिकारियों से बात की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि बाघ को आदमखोर घोषित कर दिया गया है। फतेहपुर वन रेंज में एक से अधिक बाघ हैं इसलिए आदमखोर को चिह्नित कर मारा जाएगा। बाद में एसडीएम मनीष सिंह ने भी ग्रामीणों को समझाया, इसके बाद ही लोग शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिये उठाया।

वन विभाग अभी तक सोच रहा था कि तेंदुआ हमले कर रहा है लेकिन जंगल में लगे कैमरे में कैद फोटो से पता चला है कि बाघ हमले कर रहा है। बाघ को नरभक्षी घोषित कर दिया है। डब्ल्यूआईआई से विशेषज्ञों की टीम बुलाई गई है, नरभक्षी बाघ चिह्नित करने के बाद शिकारियों से उसका शिकार कराया जाएगा। – चंद्रशेखर जोशी, डीएफओ रामनगर वन डिवीजन

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