मुरादाबाद: आरएसएस ने निकाले 16 जगहों से पथ संचलन, पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
मुरादाबाद, अमृत विचार। भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आरएसएस के प्रमुख उत्सव में से एक उत्सव है। इस अवसर पर रविवार को महानगर के 16 अलग-अलग जगहों से पथ संचलन के कार्यक्रम हुए। इसमें वक्ताओं ने कहा पूरे विश्व में जितने भी कैलेंडर हैं, सबसे ज्यादा प्रमाणिक और वैज्ञानिक कालगणना केवल भारतीय पंचांग द्वारा …
मुरादाबाद, अमृत विचार। भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा आरएसएस के प्रमुख उत्सव में से एक उत्सव है। इस अवसर पर रविवार को महानगर के 16 अलग-अलग जगहों से पथ संचलन के कार्यक्रम हुए। इसमें वक्ताओं ने कहा पूरे विश्व में जितने भी कैलेंडर हैं, सबसे ज्यादा प्रमाणिक और वैज्ञानिक कालगणना केवल भारतीय पंचांग द्वारा ही की जा सकती है।
विश्व का कोई भी कैलेंडर यह नहीं बता सकता कि किस दिन चंद्र ग्रहण या किस दिन सूर्य ग्रहण होगा। पूरी भारतीय संस्कृति वैज्ञानिक और प्रमाणिक है। अंग्रेजों की सरकार में एक योजना के तहत लॉर्ड मैकाले ने 1850 में एक सर्वे कराया, जिसमें उत्तर भारत में 97 प्रतिशत साक्षरता एवं दक्षिण भारत में 100 प्रतिशत साक्षरता की रिपोर्ट आई। लार्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा पद्धति का अध्ययन किया तो पता लगा कि भारत में 732000 गुरुकुल हैं, जिनमें 18 विषयों की वर्तमान हायर एजुकेशन की शिक्षा दी जाती है।
उस समय देश के अंदर 750000 गांव के यानी, लगभग एक गांव में एक गुरुकुल का औसत था। लार्ड मैकाले ने इन सभी गुरुकुलों को अवैध घोषित कर दिया और 1858 में इंडियन एजुकेशन एक्ट लागू कर उनको बंद करवा दिया और अंग्रेजी शिक्षा को कानूनी घोषित किया गया। बताने का आशय यह है कि किस प्रकार एक योजना के तहत कि हमारी संस्कृति को नष्ट कर दिया गया और भारतीय शिक्षा नीति को समाप्त कर दिया गया। यह अवसर है कि हम अपनी संस्कृति पर गर्व करें और इसको हर घर-घर में पहुंचाएं आज का दिन सृष्टि की रचना का प्रथम दिन माना जाता है।
इसके अतिरिक्त चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से अन्य प्रसंग भी जुड़े हैं। आज ही के दिन भगवान राम का राज्याभिषेक हुआ, आज ही के दिन धर्मराज युधिष्ठिर का राज्याभिषेक हुआ, संत झूलेलाल जी की जयंती, विक्रम संवत का शुभारंभ, गुरु अंगद देव का प्रकट उत्सव, आर्य समाज की स्थापना व संघ संस्थापक डाक्टर हेडगेवार का जन्मदिन सहित अनेक ऐसे प्रसंग है। युवाओं का आह्वान कि वह अपनी संस्कृति पर गर्व करें और प्रत्येक घर में अपनी संस्कृति को पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
मौके पर प्रांत व्यवस्था प्रमुख अजय गोयल सुगंध, विभाग प्रचारक वतन कुमार, विभाग संघचालक ओम प्रकाश शास्त्री, विभाग प्रचार प्रमुख पवन कुमार जैन, महानगर संघचालक डॉ. विनीत गुप्ता, महानगर कार्यवाह सुरेंद्रपाल सिंह, महानगर प्रचारक विवेक कुमार, संदीप सिंघल, विनय कौशिक एडवोकेट, देवेश सिंह, नवल वार्ष्णेय, अनिल कुमार, आलोक गुप्ता, पीतांबर सिंह, विश्वजीत सिंह एडवोकेट, उम्मेद राजपुरोहित, विवेक गुप्ता, अर्जुन अग्रवाल, सौरभ गर्ग, नमन जैन व इवान जैन आदि रहे।
