उत्तराखंड: बोले सीएम धामी, न चैन से सोऊंगा और न अधिकारियों को सोने दूंगा
देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तेवर सोमवार को काफी तीखे रहे। सचिवालय में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं अन्य विभागों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुये कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए वे न तो स्वयं चैन की नींद सोयेंगे और न अधिकारियों …
देहरादून, अमृत विचार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के तेवर सोमवार को काफी तीखे रहे। सचिवालय में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं अन्य विभागों की समीक्षा के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुये कहा कि प्रदेश के विकास को गति देने के लिए वे न तो स्वयं चैन की नींद सोयेंगे और न अधिकारियों को सोने देंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, प्रदेश में सड़क एवं पुलों के निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कार्यों को निर्धारित समयवधि में पूरा करने के साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये। गुणवत्ता में कोई शिकायत आई तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों पर सख्त कारवाई की जायेगी।
जनहित में अधिकारियों को कार्य संस्कृति एवं कार्य व्यवहार में सुधार लाना होगा। इसके लिए पूरा सिस्टम मजबूत किया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडब्ल्यूडी के जो कार्य अवशेष हैं, उन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्तुत की जाये। विभाग ग्राफ बनाकर लक्ष्य पूरा करें। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों पर लैंडस्लाइड जोन के लिए 7 दिन में एक्शन प्लान तलब करते हुये कहा कि संवेदनशील लैंडस्लाइड जोन पर लांगटर्म ट्रीटमेंट कर स्थायी समाधान निकाला जाये।
बीच में ही स्थगित की बैठक
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधूरी तैयारी के साथ आने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बैठक बीच में ही स्थगित कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि एक सप्ताह बाद पूरी तैयारी के साथ आयें और पिछले पांच सालों में जो कार्य हुए हैं और जो कार्य प्रगति पर हैं, उनकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध करायें।
समय से कार्यालय पहुंचें अधिकारी/कर्मचारी
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं कि यह सुनिश्चित किया जाय कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी समय पर ऑफिस पहुंचें और ऑफिस टॉइम में पूर्ण मनोयोग से कार्य करें। समय पर कार्यालय न आने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाये। जन समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाय। जनता एवं जनप्रतिनिधियों की फोन कॉल अवश्य रिसीव करें। यदि किसी वजह से फोन कॉल रिसीव न कर पायें तो कॉल बैक जरूर करें।
वन्य जीवों से सुरक्षा को टास्क फोर्स बनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि गुलदार एवं अन्य वन्य जीवों के आक्रमण से मानव सुरक्षा के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से टास्क फोर्स बनायी जाये। यदि किसी क्षेत्र में किसी बच्चे पर गुलदार आक्रमण करता है, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के वनाधिकारी एवं डीएफओ की जिम्मेदारी तय की जाय।
मुख्यमंत्री ने कहा कि, गुलदार के मानव आक्रमण से संबंधित चिन्हित स्थानों के लिए एक्शन प्लान बनाया जाय। वनों के संरक्षण, मानव एवं वन्यजीवों के संघर्ष को कम करने, भूस्खलन कम करने, वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग द्वारा इनोवेटिव प्रयास के साथ जन जागरूकता व जन सहभागिता पर भी ध्यान दिया जाये। बैठक में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु, अपर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव एस. ए. मुरूगेशन एवं संबधित अधिकारी मौजूद रहे।
